28 जुलाई 2026
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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी की अपील — 'बच्चों के हाथ में किताबें हों, औजार नहीं'

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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी की अपील — 'बच्चों के हाथ में किताबें हों, औजार नहीं'

सारांश

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट संदेश दिया — 'बच्चों के हाथ में किताबें हों, औजार नहीं।' उन्होंने नागरिकों, शिक्षकों और स्वयंसेवी संगठनों से बाल श्रम उन्मूलन को सामूहिक सामाजिक दायित्व मानने की अपील की।

मुख्य बातें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी ने 12 जून 2026 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल श्रम उन्मूलन की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा — 'बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, औजार नहीं; कंधों पर उम्मीदें, बोझ नहीं।' सरकार ने हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा , सुरक्षा और समान अवसर देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नागरिकों से अपील — बाल श्रम दिखने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
किशन रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 12 जून 2026 को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर समाज के हर वर्ग से आह्वान किया कि बाल श्रम उन्मूलन को एक सामूहिक सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाया जाए। हैदराबाद से जारी अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि हर बच्चे का बचपन उसका जन्मसिद्ध अधिकार है और इसे किसी भी परिस्थिति में श्रम की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री का संदेश

रेवंत रेड्डी ने कहा, 'हर बच्चे का बचपन उसका जन्मसिद्ध अधिकार है। पढ़ने, खेलने, खुशी से बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर हर बच्चे का प्राकृतिक अधिकार है। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि बाल श्रम जैसी व्यवस्था, जो इन अधिकारों को छीनती है, समाज में किसी भी रूप में जगह न पाए।' उन्होंने जोर देकर कहा कि 'बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, औजार नहीं — उनके कंधों पर भविष्य की उम्मीदें होनी चाहिए, बोझ नहीं।'

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा, स्वस्थ वातावरण और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने परिवारों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों, जन प्रतिनिधियों और आम नागरिकों — सभी को इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह किया।

नागरिकों से विशेष अपील

रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी कोई बच्चा काम करता दिखे, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी एक बच्चे को बाल श्रम के चंगुल से बाहर निकालना उसके लिए एक नए और बेहतर भविष्य की नींव रखने के समान है। उनका लक्ष्य ऐसा तेलंगाना बनाना है जहाँ हर बच्चा हँसते हुए, सीखते हुए और सपने देखते हुए बड़ा हो।

केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी इस अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बचपन सीखने, सपने देखने और आगे बढ़ने के लिए होता है, न कि काम करने के लिए। किशन रेड्डी ने ऐसे भारत के निर्माण का आह्वान किया जहाँ हर घर तक अवसर की पहुँच हो।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हर वर्ष 12 जून को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य बाल श्रम की वैश्विक समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। तेलंगाना जैसे राज्यों में असंगठित क्षेत्र, कृषि और घरेलू कार्यों में बाल श्रम की घटनाएँ चिंता का विषय रही हैं। आलोचकों का कहना है कि जागरूकता अभियानों के साथ-साथ प्रवर्तन तंत्र को और सशक्त बनाए जाने की ज़रूरत है। मुख्यमंत्री की यह अपील राज्य में बाल अधिकारों की दिशा में नीतिगत संकल्प को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा नीतिगत इरादे से नहीं, बल्कि ज़मीनी क्रियान्वयन से होगी। तेलंगाना में असंगठित क्षेत्र और कृषि में बाल श्रम की घटनाएँ अब भी सामने आती हैं, और जागरूकता अभियान तब तक अधूरे हैं जब तक निरीक्षण तंत्र और शिकायत निवारण प्रणाली को ठोस रूप से मज़बूत न किया जाए। केंद्रीय मंत्री का एक्स पोस्ट राजनीतिक एकजुटता दिखाता है, पर यह भी ध्यान देने योग्य है कि दोनों नेता अलग-अलग दलों से हैं — जो इस मुद्दे की गैर-दलीय अहमियत को रेखांकित करता है। सवाल यह है कि क्या यह दिवस-विशेष की घोषणाओं से आगे बढ़कर वर्षभर चलने वाले प्रवर्तन अभियान में तब्दील होगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हर वर्ष 12 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाल श्रम की वैश्विक समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प को प्रोत्साहित करना है।
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने बाल श्रम पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि हर बच्चे का बचपन उसका जन्मसिद्ध अधिकार है और बाल श्रम इन अधिकारों को छीनता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बाल श्रम दिखने पर तत्काल अधिकारियों को सूचित करें और इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लें।
तेलंगाना सरकार बाल श्रम रोकने के लिए क्या कर रही है?
सरकार ने हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा, स्वस्थ वातावरण और समान अवसर देने की प्रतिबद्धता जताई है। मुख्यमंत्री ने परिवारों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और जन प्रतिनिधियों को इस अभियान में भागीदार बनने का आह्वान किया है।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस दिन क्या कहा?
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बचपन सीखने और सपने देखने के लिए होता है, काम के लिए नहीं। उन्होंने ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया जहाँ हर घर तक अवसर पहुँचे।
बाल श्रम दिखने पर नागरिक क्या करें?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के अनुसार, यदि कहीं भी कोई बच्चा काम करता दिखे तो नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि एक बच्चे को बाल श्रम से बचाना उसके लिए नए भविष्य की शुरुआत है।
राष्ट्र प्रेस
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