विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2025: WHO के 5 ज़रूरी उपाय, असुरक्षित भोजन से 200 से अधिक बीमारियों का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 7 जून 2025 को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर चेतावनी दी है कि असुरक्षित भोजन के सेवन से 200 से अधिक प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं। संगठन के अनुसार, दूषित खाने में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और हानिकारक रसायन शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसी संदर्भ में WHO ने खाद्य जनित बीमारियों से बचाव के लिए पाँच व्यावहारिक उपाय सुझाए हैं।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का महत्व
प्रत्येक वर्ष 7 जून को मनाया जाने वाला यह दिवस लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ जीवन के लिए केवल पौष्टिक भोजन पर्याप्त नहीं — उसका सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से तैयार होना भी उतना ही अनिवार्य है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब खाद्य जनित संक्रमण दुनियाभर में एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं।
WHO के पाँच मुख्य सुझाव
पहला उपाय — स्वच्छता बनाए रखें: WHO के अनुसार, भोजन बनाने से पहले और खाने से पूर्व हाथों को अच्छी तरह साफ करना आवश्यक है। इसके साथ ही रसोई, बर्तन और खाद्य सामग्री की नियमित सफाई कई प्रकार के संक्रमणों को रोकने में सहायक होती है।
दूसरा उपाय — सही तापमान पर भोजन संग्रहित करें: जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर रखा जाना चाहिए। संगठन के अनुसार, उचित तापमान पर भंडारण से भोजन में हानिकारक जीवाणुओं की वृद्धि को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
तीसरा उपाय — भोजन को पूरी तरह पकाएँ: अधपका भोजन बैक्टीरिया और रोगाणुओं का स्रोत बन सकता है। विशेष रूप से समुद्री खाद्य पदार्थों को भली-भाँति पकाकर ही खाने की सलाह दी गई है।
चौथा उपाय — कच्चे और पके भोजन को अलग रखें: WHO के अनुसार, यदि कच्चे और पके खाद्य पदार्थ एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं, तो क्रॉस-कंटेमिनेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए अलग बर्तन और अलग कटिंग बोर्ड का उपयोग करना बेहतर माना जाता है।
पाँचवाँ उपाय — सुरक्षित पानी और गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपयोग करें: भोजन तैयार करते समय स्वच्छ पानी और ताज़ी, सुरक्षित खाद्य सामग्री का चयन करना चाहिए। संगठन के अनुसार, इस एक सावधानी से खाने से होने वाली बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
असुरक्षित भोजन के स्वास्थ्य पर प्रभाव
WHO के आँकड़ों के अनुसार, दूषित भोजन में पाए जाने वाले हानिकारक तत्व — जिनमें बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और रासायनिक पदार्थ शामिल हैं — शरीर में 200 से अधिक प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न कर सकते हैं। इनमें डायरिया, टाइफॉइड, हेपेटाइटिस और खाद्य विषाक्तता जैसी गंभीर स्थितियाँ प्रमुख हैं। गौरतलब है कि विकासशील देशों में खाद्य जनित बीमारियाँ बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पाँच सरल उपायों को दैनिक जीवन में अपनाकर खाद्य जनित बीमारियों के एक बड़े हिस्से को रोका जा सकता है। WHO का यह संदेश न केवल घरेलू रसोई के लिए, बल्कि खाद्य उद्योग और रेस्तराँ संचालकों के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है। सुरक्षित भोजन की आदतें अपनाना एक स्वस्थ और रोगमुक्त समाज की दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।