गर्मियों में फूड पॉइज़निंग से कैसे बचें: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गर्मियों में फूड पॉइज़निंग के मामले आमतौर पर बढ़ जाते हैं। इस स्थिति में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ इससे बचने के उपाय भी सुझाते हैं। बासी भोजन, खुले में रखा खाना और गंदा पानी फूड पॉइज़निंग के मुख्य कारण हैं। गर्मी के मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। यदि सावधानी बरती जाए, तो इस समस्या को सरलता से रोका जा सकता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, गर्मियों में भोजन जल्दी खराब हो जाता है। यदि भोजन को ढककर न रखा जाए, तो मक्खियां और धूल उसमें बैठ जाती हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। फूड पॉइज़निंग एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें दूषित भोजन या पानी से बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इसके लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, बुखार और कमजोरी शामिल होते हैं। कभी-कभी यह स्थिति गंभीर हो सकती है और अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है।
गर्मियों में खाना जल्दी खराब होने के कई कारण हैं, जैसे दूषित या गंदा पानी पीना, बासी और खराब भोजन खाना, अस्वच्छ वातावरण में रखा खाना, और भोजन बनाने या खाने से पहले हाथ न धोना।
विशेषज्ञ फूड पॉइज़निंग से बचने के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय भी बताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से इस समस्या से बचा जा सकता है। इसके लिए एनएचएम ने कुछ सुझाव दिए हैं, जैसे कि भोजन बनाने और खाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोएं। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं। बासी भोजन से बिल्कुल परहेज करें। स्ट्रीट फूड और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से दूर रहें। पीने का पानी हमेशा उबालकर या फ़िल्टर करके ही पिएं। बचे हुए भोजन को ढककर फ्रिज में रखें और पुनः उपयोग करने से पहले अच्छी तरह से गर्म करें। कच्ची सब्जियों और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इन बातों का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को फूड पॉइज़निंग के लक्षण जैसे बार-बार उल्टी, दस्त या तेज बुखार दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।