दूषित भोजन हर साल 15 लाख लोगों की जान ले रहा है: WHO की रिपोर्ट में चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 4 जून 2025 को जारी एक विस्तृत रिपोर्ट में खुलासा किया कि असुरक्षित और दूषित भोजन प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु का कारण बन रहा है, जबकि लगभग 88.6 करोड़ लोग हर साल खाद्यजनित बीमारियों की चपेट में आते हैं। रिपोर्ट में वर्ष 2000 से 2021 के बीच 194 देशों के आँकड़ों का अध्ययन किया गया और इसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर संकट बताया गया।
मुख्य निष्कर्ष
पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में खाद्यजनित बीमारियों का खतरा अन्य आयु वर्गों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के मामलों में कुछ कमी आई है, लेकिन दुनिया के कई क्षेत्रों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
अध्ययन में पाया गया कि बैक्टीरिया और वायरस जैसे जैविक कारक अधिकांश खाद्यजनित बीमारियों के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं, आर्सेनिक और सीसे जैसे रासायनिक तत्वों से दूषित भोजन कई गंभीर मौतों का प्रमुख कारण बन रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र
अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में खाद्यजनित बीमारियों के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन दोनों क्षेत्रों में वैश्विक खाद्यजनित बीमारियों के लगभग 75 प्रतिशत मामले और 60 प्रतिशत मौतें होती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना पहले से ही दबाव में है।
जलवायु परिवर्तन और एंटीबायोटिक प्रतिरोध की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बढ़ता प्रतिरोध इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के कारण भोजन के दूषित होने का खतरा बढ़ रहा है, जबकि दवाओं का असर कम होने से संक्रमण का उपचार कठिन होता जा रहा है। गौरतलब है कि यह एक ऐसी दोहरी चुनौती है जिसे वैश्विक स्वास्थ्य नीति निर्माता अब तक पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं कर पाए हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
रिपोर्ट के अनुसार, खाद्यजनित बीमारियों के कारण वर्ष 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगभग 647 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। यह आँकड़ा दर्शाता है कि खाद्य सुरक्षा केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक आर्थिक संकट भी है।
WHO की अपील और विशेषज्ञ राय
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा, 'खाद्य सुरक्षा केवल एक स्वास्थ्य मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हर परिवार और हर व्यक्ति के दैनिक जीवन से जुड़ा विषय है। सुरक्षित भोजन सभी लोगों का अधिकार है। इसके लिए सरकारों और समाज को मिलकर काम करना होगा।' संगठन ने सभी देशों से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने और ठोस कदम उठाने की अपील की है। आने वाले वर्षों में जलवायु और रोगाणुरोधी प्रतिरोध के बढ़ते दबाव के बीच यह चुनौती और भी जटिल होने की आशंका है।