यूएन रिपोर्ट: 13 देशों में 26.6 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा की चपेट में, सूडान-फिलिस्तीन सबसे खतरनाक
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने 18 जून 2026 को एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जून से नवंबर 2026 के बीच दुनिया के 13 देशों में गंभीर खाद्य असुरक्षा की स्थिति और अधिक विकराल होने की आशंका है। इन देशों में पहले से ही लगभग 26.6 करोड़ लोग भीषण खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं।
सबसे गंभीर हॉटस्पॉट कौन से हैं
खाद्य संकट के खिलाफ वैश्विक नेटवर्क (GNAFC) के माध्यम से साल में दो बार प्रकाशित होने वाली 'हंगर हॉटस्पॉट्स' रिपोर्ट के ताज़ा संस्करण में सूडान, दक्षिण सूडान, यमन और फिलिस्तीन को भूख की गंभीरता और व्यापकता के आधार पर दुनिया के सर्वाधिक संकटग्रस्त क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इन क्षेत्रों में स्थिति पहले से ही आपातकालीन स्तर पर है।
अतिगंभीर श्रेणी में नाइजीरिया और सोमालिया भी शामिल हैं। नाइजीरिया के बोर्नो राज्य के कुछ इलाकों में आने वाले महीनों में खाद्य असुरक्षा की विनाशकारी स्थिति उत्पन्न होने का अनुमान है, जहाँ भुखमरी, अत्यधिक गरीबी और गंभीर कुपोषण स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। वहीं सोमालिया के बुरहाकाबा जिले की आबादी अकाल के गंभीर खतरे के कगार पर बताई जा रही है।
संकट की मुख्य वजहें
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन 13 में से 12 हॉटस्पॉट में सशस्त्र संघर्ष और हिंसा खाद्य संकट की प्रमुख कारण बनी हुई है। इसके अलावा आर्थिक झटके, मानवीय सहायता के लिए फंडिंग में भारी कमी और अनुमानित एल नीनो घटना से जुड़े जलवायु खतरे — जैसे असमान वर्षा, सूखा और बाढ़ — इस संकट को और गहरा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 2022 से 2025 के बीच संकटग्रस्त क्षेत्रों में खाद्य सहायता, आपातकालीन कृषि समर्थन और पोषण राहत के लिए मिलने वाली फंडिंग में लगभग 59 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे वित्तीय सहायता का स्तर करीब एक दशक पहले के निम्नतम स्तर पर पहुँच गया है।
मध्य-पूर्व और डीआरसी की स्थिति
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष और पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के कुछ हिस्सों में इबोला के प्रकोप जैसी स्थितियाँ लोगों की आजीविका, बाज़ारों की कार्यप्रणाली और मानवीय सहायता तक पहुँच में नई बाधाएँ खड़ी कर रही हैं। DRC और हैती को गंभीर श्रेणी में रखा गया है, जबकि अफगानिस्तान भी इसी दायरे में है।
कौन से देश किस श्रेणी में
रिपोर्ट के अनुसार अतिगंभीर श्रेणी में सूडान, दक्षिण सूडान, यमन, नाइजीरिया, सोमालिया और फिलिस्तीन शामिल हैं। गंभीर श्रेणी में अफगानिस्तान, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और हैती हैं। इसके अतिरिक्त म्यांमार, माली और मेडागास्कर पर भी 'हंगर हॉटस्पॉट' का खतरा मँडरा रहा है।
आगे क्या होगा
FAO और WFP ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल और पर्याप्त वित्तीय सहायता बहाल करने की अपील की है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बिना त्वरित हस्तक्षेप के नवंबर 2026 तक इन देशों में स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है, जिससे करोड़ों और लोग गंभीर भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं।