नाइजीरिया में 3.5 करोड़ लोगों पर भूख का संकट, 64 लाख बच्चे कुपोषण की चपेट में: संयुक्त राष्ट्र
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नाइजीरिया में संघर्ष, हिंसा और बढ़ती असुरक्षा के बीच लगभग 3.5 करोड़ लोग — यानी देश के हर सात में से एक नागरिक — जून से अगस्त 2026 के बीच चलने वाले इस वर्ष के सबसे कठिन खाद्य संकट मौसम में गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा कि आर्थिक दबाव और अभूतपूर्व वित्तीय कमी नाइजीरियाई परिवारों को गहरे संकट की ओर धकेल रही है।
संकट की गहराई और प्रभावित क्षेत्र
OCHA के अनुसार, इस संकट ने नाइजीरिया को दुनिया के सबसे बड़े भूख संकटों में से एक बना दिया है, जिसका सर्वाधिक असर उत्तरी नाइजीरिया पर पड़ रहा है। संगठन ने कहा, 'यदि सहायता में और देरी हुई, तो लाखों परिवारों को भोजन में कटौती करनी पड़ेगी, अपनी संपत्तियाँ बेचनी पड़ेंगी और बच्चों को स्कूल से निकालना पड़ेगा।' उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में इस वर्ष लगभग 64 लाख बच्चों के गंभीर कुपोषण की चपेट में आने की आशंका जताई गई है।
वित्तीय कमी और सहायता की अपील
संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहयोगी संगठनों ने जीवन रक्षक सहायता बढ़ाने के लिए तत्काल वित्तपोषण की अपील की है। OCHA ने बताया कि 51.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता योजना में अब तक केवल 40 प्रतिशत से कुछ अधिक — अर्थात 21.5 करोड़ डॉलर — ही प्राप्त हो सके हैं। संगठन ने कहा कि 'नाइजीरिया ह्यूमैनिटेरियन फंड' से मिले संसाधनों ने राहत कार्य की शुरुआत में सहायता की है, किंतु तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए और अधिक धन की आवश्यकता है।
गुटेरेस की चेतावनी: अफ्रीका पर व्यापक खतरा
इस महीने की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने केन्या की राजधानी नैरोबी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफ्रीकी देशों को प्रभावित कर रहे संघर्षों और जलवायु संकटों से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'अफ्रीका के भविष्य पर कोई भी चर्चा महाद्वीप में चल रहे संघर्षों से होने वाली पीड़ा को नजरअंदाज नहीं कर सकती।' गुटेरेस ने सूडान, पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और दक्षिण सूडान में तत्काल युद्धविराम की माँग की।
होर्मुज जलडमरूमध्य और आपूर्ति श्रृंखला का खतरा
गुटेरेस ने यह भी चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना अफ्रीका की स्थिरता के लिए सीधा खतरा है, क्योंकि अफ्रीका के 13 प्रतिशत आयात — मुख्य रूप से तेल और उर्वरक — इसी महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीका के हर पाँच में से चार देश तेल के शुद्ध आयातक हैं और यदि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में लंबे समय तक बाधा बनी रही, तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ेगी। उन्होंने आग्रह किया, 'होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से फिर से खोला जाना चाहिए।'
आगे की राह: संवाद और प्रतिनिधित्व
गुटेरेस ने स्थायी शांति के लिए संवाद, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत स्थानीय संस्थाओं की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफ्रीका को स्थायी सदस्यता न मिलने की आलोचना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र एक अधिक न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रयास जारी रखेगा, जिसमें अफ्रीका को अधिक प्रतिनिधित्व, संसाधन और मजबूत आवाज मिल सके। यह संकट तब तक और गहरा होता रहेगा जब तक वित्तपोषण की खाई नहीं पाटी जाती और क्षेत्रीय संघर्षों का कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला जाता।