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रवि किशन का दावा: 2027 में सपा की ऐसी हार होगी जो पहले कभी नहीं देखी

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रवि किशन का दावा: 2027 में सपा की ऐसी हार होगी जो पहले कभी नहीं देखी

सारांश

गोरखपुर में BJP की संगठनात्मक बैठक में सांसद रवि किशन ने 2027 के UP चुनाव में सपा की ऐतिहासिक हार का दावा किया। चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े की अध्यक्षता में हुई इस पहली बड़ी समीक्षा बैठक में तीन संभागों के जनप्रतिनिधि शामिल रहे और घर घर प्रचार की रणनीति तैयार की गई।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद रवि किशन ने दावा किया कि 2027 UP विधानसभा चुनाव में सपा की ऐसी हार होगी जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और UP चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने गोरखपुर में तीन संभागों के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के साथ पहली संगठनात्मक समीक्षा बैठक की।
रवि किशन ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर झूठी रीलें और फिल्में बनाकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
भाजपा की रणनीति में सभी सांसद और विधायक अपने क्षेत्रों में घर घर जाकर मोदी योगी सरकार के विकास कार्यों का प्रचार करेंगे।
योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए महिला, युवा और किसान वर्ग में उत्साह का दावा किया गया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गोरखपुर सांसद रवि किशन ने 18 सितंबर 2026 को गोरखपुर में आयोजित संगठनात्मक समीक्षा बैठक के दौरान दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इतनी करारी हार का सामना करना पड़ेगा, जैसी हार उसने पहले कभी नहीं देखी होगी। यह बैठक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े की अध्यक्षता में हुई, जिसमें तीन संभागों के सांसद, विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक का उद्देश्य और संगठनात्मक समीक्षा

रवि किशन ने बैठक के बारे में बताया, "प्रदेश के प्रभारी महामंत्री विनोद तावड़े आए हैं। यह उनकी पहली बैठक है, उसमें हम सभी सांसद, मंत्रिगण और विधायक शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को कैसे आगे बढ़ाएंगे, उनके विकास के कार्यों को कैसे आगे बढ़ाएंगे इस पर चर्चा होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में उत्तर प्रदेश में मोदी योगी के कार्यकाल की रचनात्मक समीक्षा की जाएगी और आगे के निर्देश बैठक के बाद जारी किए जाएंगे।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी डेढ़ वर्ष से अधिक का समय शेष है, लेकिन प्रमुख दलों ने अपनी अपनी रणनीति बनाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है।

जीत का दावा और जनाधार

रवि किशन ने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा और जेन जी वर्ग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए उत्साहित हैं। उनके अनुसार, "बड़ा अच्छा संदेश आ रहा है। हम चाह रहे हैं कि चुनाव जल्दी हो जाए।" उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता चाहती है कि इस बार विरोधियों की जमानत तक ज़ब्त हो जाए।

गौरतलब है कि भाजपा ने 2017 और 2022 — दोनों विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। 2027 का चुनाव लगातार तीसरी जीत के लिहाज़ से पार्टी के लिए निर्णायक माना जा रहा है।

विकास कार्यों को घर घर पहुँचाने की रणनीति

रवि किशन ने बताया कि सभी सांसदों और विधायकों को अपने अपने क्षेत्रों में घर घर जाकर विकास कार्यों की जानकारी देने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा, "हम उन्हें बताएंगे कि 2017 के पहले कैसे उत्तर प्रदेश का नाश हुआ था और उसके बाद कैसे ऐतिहासिक विकास कार्य हुआ है।" साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया और कहा कि "सुरक्षा का नाम योगी सरकार है।"

अखिलेश यादव पर निशाना

बैठक में रवि किशन ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सीधा हमला किया। उनका आरोप था कि अखिलेश यादव उनके और मुख्यमंत्री योगी के बारे में झूठी रीलें और फिल्में बनाकर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। रवि किशन ने कहा कि इस तरह की "नकारात्मक सोच" से यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष "हताश और निराश" है। उनके अनुसार, इससे भाजपा समर्थकों में और अधिक आक्रोश भर रहा है।

2027 के लिए सपा को चेतावनी

रवि किशन ने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए कहा, "2027 में आप इतनी बुरी तरह से हारने वाले हैं कि इतनी बुरी हार आपने देखी नहीं होगी।" यह बयान भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें विपक्ष को मनोवैज्ञानिक रूप से कमज़ोर दिखाने की कोशिश की जाती है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है और यहाँ की सत्ता राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को सीधे प्रभावित करती है। आने वाले महीनों में भाजपा और सपा दोनों की ज़मीनी सक्रियता और तेज़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भाजपा की उस 'नैरेटिव सेटिंग' रणनीति का हिस्सा है जो चुनाव से डेढ़ साल पहले ही विपक्ष को मनोवैज्ञानिक रूप से कमज़ोर दिखाने पर केंद्रित है। गौरतलब है कि 2022 में भाजपा ने यही दावे किए थे और जीती भी थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा के प्रदर्शन ने समीकरण बदले। विनोद तावड़े की यह पहली बैठक संकेत देती है कि पार्टी जमीनी कमज़ोरियों को गंभीरता से ले रही है। असली सवाल यह है कि 'विकास के दावों' को घर घर पहुँचाने की यह रणनीति उस मतदाता को कितना प्रभावित करेगी जो महंगाई और बेरोज़गारी जैसे ज़मीनी मुद्दों पर वोट देता है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवि किशन ने 2027 चुनाव को लेकर सपा के बारे में क्या कहा?
गोरखपुर के भाजपा सांसद रवि किशन ने 18 सितंबर 2026 को दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इतनी बुरी तरह हारेगी जैसी हार उसने पहले कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने यह बयान भाजपा की संगठनात्मक समीक्षा बैठक के दौरान दिया।
गोरखपुर में भाजपा की बैठक क्यों हुई और इसमें कौन शामिल था?
यह बैठक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े की अध्यक्षता में हुई। इसमें तीन संभागों के सांसद, विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए और 2027 चुनाव की तैयारियों एवं संगठन की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई।
रवि किशन ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
रवि किशन ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव उनके और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में झूठी रीलें और फिल्में बनाकर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने इसे 'नकारात्मक सोच' और 'हताशा' का प्रमाण बताया।
2027 UP चुनाव के लिए भाजपा की क्या रणनीति है?
भाजपा की रणनीति के तहत सभी सांसद और विधायक अपने अपने क्षेत्रों में घर घर जाकर मोदी योगी सरकार के विकास कार्यों की जानकारी देंगे। पार्टी 2017 से पहले के दौर से तुलना करते हुए महिला सुरक्षा और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना में है।
क्या भाजपा सचमुच 2027 में योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार CM बनाने की स्थिति में है?
रवि किशन के अनुसार गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग में योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का उत्साह दिख रहा है। हालाँकि, यह भाजपा का दावा है; वास्तविक चुनावी स्थिति का आकलन चुनाव के नज़दीक आने पर अधिक स्पष्ट होगा।
राष्ट्र प्रेस
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