18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र का कर्नाटक सरकार पर हमला, शिकारीपुरा में किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र का कर्नाटक सरकार पर हमला, शिकारीपुरा में किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

सारांश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने शिकारीपुरा में बड़ा प्रदर्शन कर कर्नाटक सरकार को घेरा — सिंचाई संकट, गाडगिल-कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के किसानों पर असर और गारंटी योजनाओं की विफलता को केंद्र में रखकर। साढ़े तीन साल में एक भी गरीब को घर नहीं — यह दावा राजनीतिक रूप से तीखा है।

मुख्य बातें

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 18 सितंबर 2026 को शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा में कर्नाटक सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास किसानों की समस्याएँ सुनने का समय नहीं और शिकारीपुरा में सिंचाई समस्याएँ अनसुलझी हैं।
गाडगिल और कस्तूरीरंगन समिति रिपोर्टों के कारण वन सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं — ये समितियाँ यूपीए सरकार के कार्यकाल में बनी थीं।
विजयेंद्र ने शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा को सीधे संबोधित कर उन्हें मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी।
पिछले साढ़े तीन वर्षों में एक भी गरीब को घर नहीं, गंगा कल्याण योजना लागू नहीं और विकलांग पेंशन में विफलता — ये भाजपा के प्रमुख आरोप हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 18 सितंबर 2026 को शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा कस्बे में कांग्रेस सरकार की कथित किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की बुनियादी समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने में पूरी तरह विफल रही है।

प्रदर्शन का उद्देश्य और मुख्य माँगें

विजयेंद्र ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन कर्नाटक सरकार को किसानों की कठिनाइयों से अवगत कराने और उनकी समस्याओं के ठोस समाधान की माँग करने के लिए आयोजित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास किसानों की परेशानियाँ सुनने का समय तक नहीं है।

विजयेंद्र ने शिकारीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में किसानों की सिंचाई समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन्हें गंभीरता से हल करने में नाकाम रही है।

गाडगिल-कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और वन सीमावर्ती किसान

विजयेंद्र ने गाडगिल समिति और कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्टों का हवाला देते हुए वन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की पीड़ा की ओर ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि ये दोनों समितियाँ पूर्ववर्ती कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में गठित की गई थीं।

उन्होंने कहा कि इन रिपोर्टों के प्रभाव के चलते वन सीमावर्ती इलाकों के किसान आज सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि इन समितियों का गठन किसी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर आधारित था।

शिक्षा मंत्री पर सीधा निशाना

विजयेंद्र ने शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले राज्य सरकार के मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बंगारप्पा शिकारीपुरा से जुड़े क्षेत्र के प्रतिनिधि रहे हैं।

गारंटी योजनाओं पर सवाल

विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार की 'गारंटी योजनाओं' पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार ने इनके बारे में बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन ज़मीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। उनके अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार एक भी गरीब परिवार को घर नहीं दे सकी, गंगा कल्याण योजना लागू नहीं की गई और विकलांग व्यक्तियों को पेंशन देने में भी सरकार पीछे रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की वास्तविक समस्याओं को दरकिनार कर केवल राजनीतिक घोषणाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल की आधी अवधि पार कर चुकी है और विपक्ष सत्ता-विरोधी लहर बनाने की कोशिश में है।

भाजपा कार्यकर्ताओं का हौसला

विजयेंद्र ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों द्वारा दिखाए गए अनुशासन और जुझारू भावना की सराहना की। आगे यह देखना होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या किसानों की सिंचाई व अन्य माँगों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह महज आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि गढ़ को बनाए रखने की कोशिश भी है। गाडगिल-कस्तूरीरंगन रिपोर्ट का मुद्दा संवेदनशील है क्योंकि पश्चिमी घाट के सीमावर्ती किसान वास्तव में प्रभावित हैं — लेकिन भाजपा के केंद्र में रहते हुए इन रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज न करना भी एक विरोधाभास है। कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं पर सवाल उठाना तभी प्रभावी होगा जब भाजपा अपने कार्यकाल के रोज़गार और किसान-कल्याण के आँकड़े भी सामने रखे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने शिकारीपुरा में विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
भाजपा ने कर्नाटक सरकार की कथित किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ 18 सितंबर 2026 को शिकारीपुरा में प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि सरकार सिंचाई समस्याओं को हल नहीं कर रही और गरीब कल्याण योजनाएँ लागू नहीं की गई हैं।
बीवाई विजयेंद्र ने गाडगिल और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट का मुद्दा क्यों उठाया?
विजयेंद्र का कहना है कि इन दोनों समितियों की रिपोर्टों के प्रभाव के कारण वन सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान अपनी ज़मीन और आजीविका को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये समितियाँ पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में बनाई गई थीं।
विजयेंद्र ने शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा को क्यों निशाना बनाया?
विजयेंद्र ने मंत्री बंगारप्पा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं तो पहले राज्य मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझें। यह टिप्पणी शिकारीपुरा क्षेत्र से बंगारप्पा के राजनीतिक संबंध के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा ने कांग्रेस की गारंटी योजनाओं पर क्या आरोप लगाए?
विजयेंद्र के अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार एक भी गरीब को घर नहीं दे सकी, गंगा कल्याण योजना लागू नहीं हुई और विकलांग व्यक्तियों को पेंशन देने में भी देरी हो रही है। भाजपा का आरोप है कि सरकार राजनीतिक घोषणाओं पर जोर देती है, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन नहीं होता।
शिकारीपुरा में किसानों की मुख्य समस्याएँ क्या हैं?
भाजपा के अनुसार शिकारीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई की गंभीर समस्याएँ हैं जिन्हें कर्नाटक सरकार ने अभी तक हल नहीं किया है। इसके अलावा वन सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान गाडगिल-कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंतित हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले