भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र का कर्नाटक सरकार पर हमला, शिकारीपुरा में किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 18 सितंबर 2026 को शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा कस्बे में कांग्रेस सरकार की कथित किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की बुनियादी समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने में पूरी तरह विफल रही है।
प्रदर्शन का उद्देश्य और मुख्य माँगें
विजयेंद्र ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन कर्नाटक सरकार को किसानों की कठिनाइयों से अवगत कराने और उनकी समस्याओं के ठोस समाधान की माँग करने के लिए आयोजित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास किसानों की परेशानियाँ सुनने का समय तक नहीं है।
विजयेंद्र ने शिकारीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में किसानों की सिंचाई समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन्हें गंभीरता से हल करने में नाकाम रही है।
गाडगिल-कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और वन सीमावर्ती किसान
विजयेंद्र ने गाडगिल समिति और कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्टों का हवाला देते हुए वन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की पीड़ा की ओर ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि ये दोनों समितियाँ पूर्ववर्ती कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में गठित की गई थीं।
उन्होंने कहा कि इन रिपोर्टों के प्रभाव के चलते वन सीमावर्ती इलाकों के किसान आज सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि इन समितियों का गठन किसी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर आधारित था।
शिक्षा मंत्री पर सीधा निशाना
विजयेंद्र ने शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले राज्य सरकार के मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बंगारप्पा शिकारीपुरा से जुड़े क्षेत्र के प्रतिनिधि रहे हैं।
गारंटी योजनाओं पर सवाल
विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार की 'गारंटी योजनाओं' पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार ने इनके बारे में बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन ज़मीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। उनके अनुसार, पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार एक भी गरीब परिवार को घर नहीं दे सकी, गंगा कल्याण योजना लागू नहीं की गई और विकलांग व्यक्तियों को पेंशन देने में भी सरकार पीछे रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की वास्तविक समस्याओं को दरकिनार कर केवल राजनीतिक घोषणाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल की आधी अवधि पार कर चुकी है और विपक्ष सत्ता-विरोधी लहर बनाने की कोशिश में है।
भाजपा कार्यकर्ताओं का हौसला
विजयेंद्र ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों द्वारा दिखाए गए अनुशासन और जुझारू भावना की सराहना की। आगे यह देखना होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या किसानों की सिंचाई व अन्य माँगों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।