राज्यपाल बागड़े बोले: किसानों ने भरे अन्न भंडार, अब रसायन मुक्त गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न की बारी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने 12 जून 2026 को जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के अन्न भंडार किसानों की अथक मेहनत से भरे हैं, और अब समय आ गया है कि वे रसायन मुक्त, गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन की ओर ध्यान केंद्रित करें। यह अवसर था भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मल्लखम्भ प्रदर्शन का, जिसमें राज्य के शीर्ष नेताओं ने किसानों से रासायनिक कीटनाशकों की निर्भरता छोड़ने की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यशाला में राज्यपाल बागड़े के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता जताई।
राज्यपाल की अपील: बीमारियों से बचाएँ, गुणवत्ता बढ़ाएँ
राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने कहा कि एक दौर था जब देश में अनाज का संकट था, तब किसानों ने अपनी मेहनत से अन्न भंडार भर दिए। उन्होंने कहा, 'किसान रसायन मुक्त अनाज तैयार करें और लोगों को बीमारियों से बचाने में सहयोग दें।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गुणवत्तापूर्ण उपज के लिए आमजन हमेशा उचित मूल्य देने को तैयार रहते हैं।
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों ने पंचगव्य, जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसी पारंपरिक तकनीकों से मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की उर्वरता दोनों की रक्षा की है। उन्होंने चेताया कि जहरीले रसायन और कीटनाशक 'धरती माता' को नुकसान पहुँचा रहे हैं, इसलिए प्राकृतिक खेती को अधिकाधिक प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बन रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खाद अपनाने और पोषणयुक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी समझने की अपील की, और आश्वस्त किया कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
किसान मोर्चा का संदेश
BJP किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश प्रकृति की ओर लौटे और प्राकृतिक खेती के जरिए पोषणयुक्त अन्न पैदा करे। उन्होंने कार्यशाला को इस दिशा में एक ठोस कदम बताया।
आगे की राह
यह कार्यशाला ऐसे समय में आयोजित हुई जब केंद्र और राज्य सरकारें प्राकृतिक खेती को नीतिगत प्राथमिकता दे रही हैं। गौरतलब है कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों को लेकर कृषि विशेषज्ञों की चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले समय में राजस्थान में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को सरकारी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।