जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी की कूटनीतिक बाज़ी: यूके-कनाडा-ईयू के साथ व्यापार समझौतों को मिली रफ़्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून 2026 को एवियन (फ्रांस) में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनसे भारत की 'मल्टी-अलाइनमेंट' विदेश नीति के ठोस आर्थिक परिणाम सामने आए। इन बैठकों में तीन प्रमुख व्यापार समझौतों की प्रगति को औपचारिक रूप दिया गया, जो भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को नई ऊँचाई दे सकते हैं।
भारत-यूके व्यापार समझौता: 15 जुलाई से होगा लागू
प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएगा। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत ने इस समझौते में अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। डेयरी उत्पाद, अनाज, मिलेट्स (मोटे अनाज), खाद्य तेल, तिलहन, सेब और अनेक प्रकार की सब्जियाँ इस सुरक्षा-सूची में शामिल हैं, जो घरेलू किसानों और खाद्य उद्योग के हितों की रक्षा करती है।
भारत-कनाडा सीईपीए: 2026 तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बैठक के बाद जारी भारत-कनाडा संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेता व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर जारी वार्ता की प्रगति से संतुष्ट हैं। दोनों पक्षों ने 2026 तक इस समझौते को अंतिम रूप देने के साझा लक्ष्य को दोहराया।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों में तनाव के दौर भी आए हैं। ऐसे में इस संयुक्त बयान को कूटनीतिक पुनर्स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
भारत-ईयू एफटीए: 'मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स' पूरी
यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ हुई बैठक में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने घोषणा की कि दोनों पक्षों ने 'मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स' कहे जाने वाले बड़े व्यापार समझौते को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, "हम अपने वादों को तेज़ी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर कर देंगे।"
गौरतलब है कि भारत-ईयू एफटीए पर वार्ता करीब एक दशक से अधिक समय से चल रही थी। इसका पूरा होना भारत की व्यापार कूटनीति की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मोदी ने एक्स पर साझा की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज एवियन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर बहुत अच्छा लगा।" उन्होंने आगे कहा, "इस साल की शुरुआत में भारत को गणतंत्र दिवस समारोह में उनका स्वागत करने का गौरव मिला था। भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण समय है क्योंकि हमने मुक्त व्यापार समझौता पूरा कर लिया है।"
मोदी ने यह भी जोड़ा कि आज के वैश्विक माहौल में भारत-ईयू का बढ़ता सहयोग शांति, स्थिरता और समृद्धि को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक उठापटक के बीच नए सिरे से आकार ले रही है।
आगे क्या होगा
भारत-यूके सीईटीए के 15 जुलाई 2026 से लागू होने के साथ ही व्यापारिक बदलाव तत्काल महसूस होने शुरू हो सकते हैं। भारत-ईयू एफटीए पर इस वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जबकि भारत-कनाडा सीईपीए की वार्ता 2026 के भीतर समाप्त करने का लक्ष्य है। तीनों समझौतों के एक साथ आगे बढ़ने से भारत के निर्यात क्षेत्र, विशेष रूप से आईटी सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स और वस्त्र उद्योग को, नए बाज़ार मिलने की संभावना है।