जी7 समिट में PM मोदी की EU नेताओं से मुलाकात, भारत-EU FTA पर जल्द हस्ताक्षर और IMEC को गति देने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में जी7 समिट के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर शीघ्र हस्ताक्षर करने, इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया की स्थिति समेत वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, तीनों नेताओं ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-EU समिट के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में आई प्रगति की सराहना की। नेताओं ने भारत-EU FTA के लिए हाल ही में पूरी हुई वार्ता को एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया और इस पर जल्द हस्ताक्षर करने तथा इसे लागू करने पर बल दिया। मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश के लिए व्यापक अवसर खोलेगा और मौजूदा तनावपूर्ण भू-राजनीतिक परिवेश में आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में सहायक होगा।
FTA और रणनीतिक साझेदारी
विदेश मंत्रालय के बयान में रेखांकित किया गया कि भारत और EU, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और बहुलवादी समाज होने के नाते, अपने संबंधों को आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य के प्रति एक समान दृष्टिकोण पर आधारित करते हैं। नेताओं ने जनवरी 2026 में स्वीकृत संयुक्त भारत-EU व्यापक रणनीतिक एजेंडा के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया और उम्मीद जताई कि यह रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा ने पुष्टि की कि दोनों पक्ष वर्ष 2026 के अंत तक FTA पर हस्ताक्षर करेंगे और एक निवेश समझौते पर कार्य में तेजी लाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग भी बढ़ाया जाएगा।
IMEC और कनेक्टिविटी पर जोर
बैठक में इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। कोस्टा ने कहा कि दोनों पक्ष बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम करेंगे। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ भू-राजनीतिक दबावों के कारण पुनर्गठन के दौर से गुज़र रही हैं।
पश्चिम एशिया और बहुपक्षीय व्यवस्था
विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों का स्वागत किया और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी, कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने एक मज़बूत बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, जो शांति, स्थिरता, समृद्धि और सतत विकास में योगदान दे।
जी7 में भारत की भागीदारी
गौरतलब है कि यह जी7 समिट फ्रांस की अध्यक्षता में एवियन में आयोजित हो रहा है। यह जी7 में भारत की 13वीं भागीदारी है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस समिट में शिरकत कर रहे हैं। इस वर्ष की शुरुआत में 27 जनवरी को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-EU समिट के दौरान FTA वार्ता का सफलतापूर्वक समापन हुआ था, जिसे मोदी, वॉन डेर लेयेन और अन्य नेताओं ने 'सभी डील्स की जननी' बताया था। कोस्टा और वॉन डेर लेयेन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए थे।
आगे चलकर FTA पर औपचारिक हस्ताक्षर और IMEC की प्रगति भारत-EU संबंधों की दिशा तय करेगी — और वैश्विक व्यापार के पुनर्संतुलन में भारत की भूमिका को रेखांकित करेगी।