3 अगस्त 2026
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जी7 समिट में PM मोदी की EU नेताओं से मुलाकात, भारत-EU FTA पर जल्द हस्ताक्षर और IMEC को गति देने पर सहमति

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जी7 समिट में PM मोदी की EU नेताओं से मुलाकात, भारत-EU FTA पर जल्द हस्ताक्षर और IMEC को गति देने पर सहमति

सारांश

फ्रांस के एवियन में जी7 समिट के मंच पर PM मोदी की EU नेताओं से बैठक महज शिष्टाचार नहीं थी — यह भारत-EU FTA पर साल के अंत तक हस्ताक्षर की ठोस प्रतिबद्धता और IMEC को ज़मीन पर उतारने का संकल्प था। वैश्विक व्यापार के पुनर्गठन के बीच यह भारत की बढ़ती कूटनीतिक धमक का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2026 को एवियन (फ्रांस) में जी7 समिट के दौरान EU परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और EU आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की।
भारत-EU FTA पर 2026 के अंत तक हस्ताक्षर करने की प्रतिबद्धता जताई गई; वार्ता 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में पूरी हुई थी।
इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाने और सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
नेताओं ने पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और मज़बूत बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था बनाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
यह जी7 में भारत की 13वीं भागीदारी है; PM मोदी लगातार सातवीं बार समिट में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में जी7 समिट के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर शीघ्र हस्ताक्षर करने, इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया की स्थिति समेत वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, तीनों नेताओं ने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-EU समिट के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में आई प्रगति की सराहना की। नेताओं ने भारत-EU FTA के लिए हाल ही में पूरी हुई वार्ता को एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया और इस पर जल्द हस्ताक्षर करने तथा इसे लागू करने पर बल दिया। मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश के लिए व्यापक अवसर खोलेगा और मौजूदा तनावपूर्ण भू-राजनीतिक परिवेश में आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में सहायक होगा।

FTA और रणनीतिक साझेदारी

विदेश मंत्रालय के बयान में रेखांकित किया गया कि भारत और EU, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और बहुलवादी समाज होने के नाते, अपने संबंधों को आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य के प्रति एक समान दृष्टिकोण पर आधारित करते हैं। नेताओं ने जनवरी 2026 में स्वीकृत संयुक्त भारत-EU व्यापक रणनीतिक एजेंडा के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया और उम्मीद जताई कि यह रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा ने पुष्टि की कि दोनों पक्ष वर्ष 2026 के अंत तक FTA पर हस्ताक्षर करेंगे और एक निवेश समझौते पर कार्य में तेजी लाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग भी बढ़ाया जाएगा।

IMEC और कनेक्टिविटी पर जोर

बैठक में इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। कोस्टा ने कहा कि दोनों पक्ष बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम करेंगे। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ भू-राजनीतिक दबावों के कारण पुनर्गठन के दौर से गुज़र रही हैं।

पश्चिम एशिया और बहुपक्षीय व्यवस्था

विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों का स्वागत किया और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी, कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने एक मज़बूत बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, जो शांति, स्थिरता, समृद्धि और सतत विकास में योगदान दे।

जी7 में भारत की भागीदारी

गौरतलब है कि यह जी7 समिट फ्रांस की अध्यक्षता में एवियन में आयोजित हो रहा है। यह जी7 में भारत की 13वीं भागीदारी है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस समिट में शिरकत कर रहे हैं। इस वर्ष की शुरुआत में 27 जनवरी को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-EU समिट के दौरान FTA वार्ता का सफलतापूर्वक समापन हुआ था, जिसे मोदी, वॉन डेर लेयेन और अन्य नेताओं ने 'सभी डील्स की जननी' बताया था। कोस्टा और वॉन डेर लेयेन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए थे।

आगे चलकर FTA पर औपचारिक हस्ताक्षर और IMEC की प्रगति भारत-EU संबंधों की दिशा तय करेगी — और वैश्विक व्यापार के पुनर्संतुलन में भारत की भूमिका को रेखांकित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हस्ताक्षर और लागू होने के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है — भारत-UK FTA वार्ता इसकी याद दिलाती है जो वर्षों तक खिंचती रही। IMEC की घोषणाएँ पहले भी हुई हैं, पर ज़मीनी प्रगति सीमित रही है। असली परीक्षा यह है कि क्या 2026 के अंत तक FTA पर हस्ताक्षर की प्रतिबद्धता संसदीय अनुमोदन और क्रियान्वयन की जटिलताओं को पार कर पाती है। वैश्विक व्यापार के पुनर्गठन के बीच यह साझेदारी भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है, लेकिन इरादे को नतीजों में बदलने की ज़िम्मेदारी अब दोनों पक्षों पर है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी7 समिट में PM मोदी और EU नेताओं के बीच क्या तय हुआ?
18 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में जी7 समिट के दौरान PM मोदी, EU परिषद अध्यक्ष कोस्टा और EU आयोग अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने भारत-EU FTA पर 2026 के अंत तक हस्ताक्षर करने, IMEC को आगे बढ़ाने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक बहुपक्षीय व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
भारत-EU FTA क्या है और इसकी वार्ता कब पूरी हुई?
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वाला एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय आर्थिक करार है। इसकी वार्ता 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-EU समिट के दौरान सफलतापूर्वक पूरी हुई और अब 2026 के अंत तक इस पर औपचारिक हस्ताक्षर का लक्ष्य है।
IMEC कॉरिडोर क्या है और इसमें भारत-EU की क्या भूमिका है?
इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) भारत, मध्य पूर्व और यूरोप को जोड़ने वाला एक बहुआयामी कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है। एवियन बैठक में भारत और EU ने इसे मिलकर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन के संदर्भ में रणनीतिक महत्व रखता है।
जी7 समिट में भारत की भागीदारी का क्या महत्व है?
यह जी7 में भारत की 13वीं भागीदारी है और PM मोदी लगातार सातवीं बार इस समिट में शामिल हुए हैं। यह भागीदारी वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंध गहरे करने की रणनीति को दर्शाती है।
भारत-EU संबंधों में 2026 में क्या बड़े बदलाव आए हैं?
2026 में भारत-EU संबंधों में दो बड़े मील के पत्थर रहे: जनवरी में 16वें भारत-EU समिट में FTA वार्ता का सफल समापन और EU नेताओं का भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आगमन। एवियन में जी7 के दौरान FTA पर हस्ताक्षर की समयसीमा तय होना इस क्रम में अगला महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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