PM मोदी ने G7 समिट में विश्व नेताओं से की मुलाकात, ट्रंप-मैक्रों समेत दिग्गजों से द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2025 को फ्रांस के एवियन-लेस-बेंस में आयोजित जी7 समिट में अतिथि सदस्य के रूप में भाग लिया और वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष दृढ़ता से प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कई अन्य शीर्ष विश्व नेताओं से मुलाकात की। मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस दौरे की 1 मिनट 52 सेकंड की एक झलकी भी साझा की।
समिट में भारत की उपस्थिति
प्रधानमंत्री मोदी को इस बार भी अतिथि नेता के रूप में जी7 समिट में आमंत्रित किया गया था। वे हाई लेवल वर्किंग सेशन में शामिल हुए, जिसकी थीम थी — 'नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना'। इस सत्र में जी7 देशों के नेताओं के साथ-साथ सहयोगी देशों के प्रतिनिधि, विश्व बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित रहे।
एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "जी7 समिट के एक सफल सत्र के कुछ मुख्य बिंदु साझा कर रहा हूं, जो एवियन-लेस-बेंस में आयोजित हुआ था, जहां विश्व नेताओं ने एक साथ आकर विचारों का आदान-प्रदान किया और हमारे ग्रह के सामने मौजूद प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की।"
किन नेताओं से हुई मुलाकात
साझा की गई क्लिप में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मोदी की मुलाकात के दृश्य शामिल हैं।
विशेष रूप से ट्रंप के साथ बिताए गए पलों और द्विपक्षीय वार्ता के अंशों को भी इस क्लिप में दर्शाया गया है। गौरतलब है कि भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शांति और समुद्री सुरक्षा पर मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।"
मोदी ने भारतीय नाविकों की जान-माल की हानि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना जरूरी है ताकि नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।"
यात्रा का क्रम
साझा की गई क्लिप में पीएम मोदी का स्विट्जरलैंड के एयरपोर्ट पर उतरना, राष्ट्रपति पारमेलिन द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और हेलिकॉप्टर से एवियन स्थित जी7 आयोजन स्थल तक की यात्रा दर्शाई गई है। आयोजन स्थल पर विश्व नेताओं के साथ मुलाकात और फोटो सत्र के दृश्य भी इसमें शामिल हैं।
यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका को और मजबूत कर रहा है। आने वाले महीनों में भारत-जी7 देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर इस बैठक के संभावित प्रभाव पर नज़र रहेगी।