यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन तय: सपा प्रवक्ता बोले, 'भाजपा को मिलकर हराएंगे'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने 3 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि दोनों दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनाव में परास्त करेंगे। सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के सीट-बंटवारे संबंधी बयान के संदर्भ में आई।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस-सपा के बीच सीट-बंटवारे के फॉर्मूले पर उठे विवाद के बीच सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, 'समाजवादी पार्टी को प्रभारियों या कार्यकारी अध्यक्ष के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा बनी हैं, जो कांग्रेस-सपा के बीच अच्छा समन्वय स्थापित करेंगी। गठबंधन होगा और कांग्रेस-समाजवादी पार्टी मिलकर भाजपा को हराएंगी।'
चांद ने यह भी स्पष्ट किया कि इमरान मसूद के बयान चाहे जो हों, दोनों दलों का राष्ट्रीय नेतृत्व 'लगातार बातचीत कर रहा है और वो बातचीत सकारात्मक है।'
इमरान मसूद के बयान का संदर्भ
इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने यूपी में कांग्रेस-सपा के बीच '50-50 फॉर्मूला' लागू होने की स्थिति में कहा था कि हर पार्टी अपना समीकरण देखती है और अपने तरीके से आगे बढ़ती है। सपा ने इस बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से परहेज किया, जो दर्शाता है कि गठबंधन को टिकाए रखने की प्राथमिकता किसी एक नेता के बयान से ऊपर है।
यूपी कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन पर सपा की राय
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हाल के नेतृत्व परिवर्तन — जिसमें आराधना मिश्रा 'मोना' को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया — पर चांद ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। उनके अनुसार, मोना मिश्रा की नियुक्ति से दोनों दलों के बीच समन्वय और बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि पहले जो नेता इस पद पर थे, उन्हें नई जिम्मेदारी दी जाएगी।
सांसद राजीव राय की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी यूपी कांग्रेस की नई टीम के गठन को कांग्रेस का आंतरिक विषय बताया। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन की जो भी पार्टी हो, जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग बोलते समय भी जिम्मेदारी का एहसास करें।' राय ने आराधना मिश्रा 'मोना' को शुभकामनाएँ देते हुए दोहराया कि इंडिया गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ेगा और सरकार बनाएगा।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियाँ तेज़ होने लगी हैं। गठरबंधन की औपचारिक सीट-बंटवारे की घोषणा अभी बाकी है। दोनों दलों के राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच चल रही बातचीत का नतीजा ही यह तय करेगा कि '50-50 फॉर्मूले' की माँग कहाँ जाकर ठहरती है। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने यूपी में भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी, जिससे इस बार की रणनीति पर और अधिक दबाव है।