यूपी में भाजपा को हराने के लिए विपक्षी एकता जरूरी: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 22 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराने के लिए कोई भी दल अकेले सक्षम नहीं है और समस्त विपक्षी दलों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। यह प्रतिक्रिया उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद इकरा हसन के उस बयान के जवाब में दी, जिसमें इकरा ने कहा था कि यूपी में BJP को केवल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ही हरा सकते हैं और कांग्रेस अकेले ज्यादा कुछ नहीं कर सकती।
इमरान मसूद का इकरा हसन को जवाब
मसूद ने कहा कि इकरा हसन स्वयं भी अकेले यह काम नहीं कर सकतीं। उन्होंने पारिवारिक भाव व्यक्त करते हुए कहा, 'इकरा हमारी बच्ची हैं, वह हमारी भतीजी जैसी हैं।' इस टिप्पणी को सियासी मतभेद को हल्का करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मसूद ने ज़ोर देकर कहा कि विपक्षी दलों को यह विमर्श छोड़ देना चाहिए कि 'कौन क्या कह रहा है' और इसके बजाय मिलकर चुनावी मैदान में उतरना चाहिए।
पश्चिम बंगाल का संदर्भ और विपक्षी एकता की दलील
मसूद ने पश्चिम बंगाल और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े राजनीतिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले भी कई नेताओं और दलों ने अलग-अलग दावे किए, लेकिन चुनावी नतीजों ने तस्वीर अलग ही पेश की। उनका कहना था, 'आइए साथ मिलकर चलें, हम सब सुकून से रहेंगे।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे में गठबंधन की रूपरेखा अभी तय नहीं हुई है और INDIA गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठते रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ पर चंदे के आरोप
मसूद ने इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। कथित तौर पर चंदे से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'आप चंदे का पैसा चुराएंगे और हम विरोधी हो गए। आपकी सरकार में चंदे का पैसा चोरी हो रहा है और हम विरोधी बन गए हैं।' इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
सपा नेता एसटी हसन का रुख
सपा नेता एसटी हसन ने इकरा हसन के मूल बयान का समर्थन करते हुए कहा कि असलियत यह है कि यूपी में BJP को हराने में सबसे सक्षम दल समाजवादी पार्टी ही है। उन्होंने यह भी कहा, 'कांग्रेस के हमारे साथ आने से हमारी ताकत और बढ़ेगी। हम चुनाव के दौरान होने वाली सभी बेईमानी वाली हरकतों से भी निपट सकेंगे।'
एसटी हसन ने उम्मीद जताई कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर सरकार बनाएंगी। गौरतलब है कि दोनों दलों के बीच 2024 के लोकसभा चुनाव में तालमेल रहा था, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए थे।
आगे की राह
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। सपा और कांग्रेस के नेताओं के परस्पर विरोधाभासी बयान इस बात का संकेत हैं कि सीट-बँटवारे की वार्ता अभी प्रारंभिक चरण में है। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।