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क्या उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है? इमरान मसूद

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क्या उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है? इमरान मसूद

सारांश

क्या उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है? कांग्रेस ने इमरान मसूद और राजेंद्र पाल गौतम के माध्यम से गंभीर आरोप लगाए हैं कि दलितों और मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। क्या योगी आदित्यनाथ को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा?

मुख्य बातें

कानून-व्यवस्था का गिरता स्तर दलितों और मुसलमानों पर अत्याचार योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग समाज में संस्थागत भेदभाव कांग्रेस का सक्रिय विरोध

नई दिल्ली, ६ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दलित युवक की निर्मम हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और दलितों, महिलाओं और मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं तथा उनमें कानून का कोई डर नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने रायबरेली में एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या की वीडियो रिकॉर्डिंग भी दिखाई, जिसे कैमरों के सामने पीट-पीटकर मार डाला गया था। उन्होंने कहा कि जब उसने दम तोड़ते हुए राहुल गांधी का जिक्र किया, तो हमलावरों ने उसका मजाक उड़ाया।

राजेन्द्र पाल गौतम ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए ऐसी घटनाओं के पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। साथ ही, उन्होंने कहा कि इन मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए।

राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचारों में चिंताजनक वृद्धि हुई है और संस्थागत भेदभाव आम बात हो गई है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि भाजपा शासित पांच राज्यों में दलितों पर अत्याचार के मामलों में ७५ प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिनमें से २६.२ प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में हुए हैं।

वहीं, इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि देश का संविधान खतरे में है। योगी सरकार कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूरी तरह विफल रही है। दलितों, महिलाओं और मुसलमानों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है और राज्य में बुलडोजर अभियान जारी है। देश में कानून का नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा का राज चल रहा है। भाजपा नफरत और हिंसा फैलाने वालों को संरक्षण दे रही है।

उन्होंने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की। इसके अलावा, अमेठी सांसद केएल शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। कांग्रेस जल्द ही ऐसी घटनाओं की जांच के लिए एक दल का गठन करेगी और एक रिपोर्ट भी जारी करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था का मुद्दा केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। जब तक हम समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करते, हम एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में नहीं उभर सकते।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में हाल की घटनाएँ क्या दर्शाती हैं?
ये घटनाएँ राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दिखाती हैं, जहां दलितों और मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं।
कांग्रेस ने किस प्रकार की मांग की है?
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।
क्या योगी सरकार पर कोई कार्रवाई होगी?
यह निर्भर करता है कि विपक्षी दल इस मुद्दे को कितना प्रभावी ढंग से उठाते हैं।
दलितों पर अत्याचार के मामलों में वृद्धि का क्या कारण है?
संस्थागत भेदभाव और कमजोर कानून-व्यवस्था इसके मुख्य कारण हैं।
क्या इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की भूमिका है?
जी हां, सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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