13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एआई और ई-गवर्नेंस सुधारों से भारत के शासन का नया अध्याय: डॉ. जितेंद्र सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एआई और ई-गवर्नेंस सुधारों से भारत के शासन का नया अध्याय: डॉ. जितेंद्र सिंह

सारांश

शिलांग में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत के एआई-संचालित शासन सुधारों का खाका पेश किया — 2,000 पुराने नियम खत्म, यूपीआई पर माहवार 18 अरब लेनदेन, और सीपीजीआरएएमएस पर सालाना 25 लाख शिकायतें। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अब नागरिक-सरकार संबंध की नई भाषा बन चुका है।

मुख्य बातें

जितेंद्र सिंह ने 13 जुलाई 2026 को शिलांग में 'नेक्स्ट जेनरेशन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड ई-गवर्नेंस रिफॉर्म्स' सम्मेलन का उद्घाटन किया।
सरकार ने पिछले एक दशक में 2,000 अप्रासंगिक नियम समाप्त किए।
यूपीआई अब प्रतिमाह 18 अरब से अधिक डिजिटल लेनदेन संसाधित करता है।
सीपीजीआरएएमएस पर शिकायतें 2014 के 2 लाख से बढ़कर अब 25 लाख सालाना हो गई हैं; बहुभाषी एआई चैटबॉट जोड़ा गया।
विशेष अभियान से ₹4,000 करोड़ से अधिक राजस्व और 700 लाख वर्गफुट सरकारी जगह मुक्त।
भविष्य के सुधारों में एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 13 जुलाई 2026 को शिलांग में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बुनियाद पर शासन व्यवस्था के एक नए और निर्णायक चरण में कदम रख रहा है। यह सम्मेलन 'नेक्स्ट जेनरेशन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड ई-गवर्नेंस रिफॉर्म्स' विषय पर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और मेघालय सरकार ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।

एक दशक के सुधारों की समीक्षा

डॉ. सिंह ने पिछले एक दशक में हुए प्रशासनिक बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने करीब 2,000 अप्रासंगिक और पुराने नियमों को समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियामक भूमिका से आगे बढ़कर सुविधा प्रदाता की भूमिका अपनाई है, जिसमें नीति निर्माण से लेकर सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी तक नागरिकों को केंद्र में रखा गया है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत

मंत्री ने बताया कि 56 करोड़ से अधिक जनधन खाते, आधार-आधारित सेवाएँ, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने सरकार और नागरिकों के बीच के संबंध को मौलिक रूप से बदल दिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि आज यूपीआई प्रतिमाह 18 अरब से अधिक डिजिटल लेनदेन संसाधित करता है, जिससे भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान परिदृश्य में अग्रणी स्थान पर है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई विकसित देश भी इतनी बड़ी मात्रा में रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन की प्रणाली विकसित करने में जुटे हैं।

शिकायत निवारण में एआई का उपयोग

डॉ. सिंह ने बताया कि डीएआरपीजी ने केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) को विश्व के सबसे बड़े तकनीक-संचालित शिकायत निवारण मंचों में से एक में रूपांतरित कर दिया है। उन्होंने बताया कि जहाँ 2014 में सालाना लगभग 2 लाख शिकायतें दर्ज होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25 लाख से अधिक हो गई है। गौरतलब है कि इस प्लेटफॉर्म में अब बहुभाषी एआई चैटबॉट की सुविधा जोड़ी गई है, जबकि अंतिम चरण में मानवीय हस्तक्षेप बनाए रखा गया है ताकि संवेदनशीलता सुनिश्चित हो सके।

विशेष अभियान और राजस्व लाभ

मंत्री ने लंबित मामलों के निपटान और स्वच्छता के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की उपलब्धियाँ भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि अप्रचलित सामग्री और कबाड़ के वैज्ञानिक निस्तारण से अब तक ₹4,000 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों में लगभग 700 लाख वर्गफुट जगह खाली कराई गई है, जिससे कार्यालयों की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार आया है।

आगे की राह

डॉ. सिंह के अनुसार, भविष्य के प्रशासनिक सुधारों में एआई, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक-केंद्रित सेवा प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दी जाएगी। यह सम्मेलन राज्य सरकारों के साथ मिलकर ई-गवर्नेंस के अगले स्तर की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या बढ़ती समस्याएँ। असली परीक्षण यह है कि इन शिकायतों का निस्तारण कितनी गुणवत्ता और गति से होता है, जिसका कोई ठोस आँकड़ा सम्मेलन में सामने नहीं आया। एआई चैटबॉट का जुड़ना उत्साहजनक है, लेकिन 'मानवीय हस्तक्षेप बनाए रखने' की बात यह भी संकेत देती है कि स्वचालन की सीमाएँ अभी स्वीकार की जा रही हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिलांग में आयोजित ई-गवर्नेंस सम्मेलन का उद्देश्य क्या था?
'नेक्स्ट जेनरेशन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड ई-गवर्नेंस रिफॉर्म्स' विषय पर यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन डीएआरपीजी और मेघालय सरकार ने संयुक्त रूप से आयोजित किया, जिसका उद्देश्य एआई और डिजिटल तकनीक के जरिए अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों की रूपरेखा तैयार करना था।
सीपीजीआरएएमएस क्या है और इसमें एआई कैसे शामिल हुआ?
सीपीजीआरएएमएस (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली) भारत सरकार का तकनीक-संचालित शिकायत निवारण मंच है, जिस पर अब सालाना 25 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। इसमें बहुभाषी एआई चैटबॉट जोड़ा गया है, जबकि संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के लिए अंतिम चरण में मानवीय हस्तक्षेप बनाए रखा गया है।
भारत में यूपीआई का वर्तमान पैमाना क्या है?
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, यूपीआई अब प्रतिमाह 18 अरब से अधिक डिजिटल लेनदेन संसाधित करता है, जिससे भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
सरकार के विशेष स्वच्छता अभियान से क्या हासिल हुआ?
सरकारी कार्यालयों में चलाए गए विशेष अभियान के तहत अप्रचलित सामग्री और कबाड़ के वैज्ञानिक निस्तारण से ₹4,000 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ और लगभग 700 लाख वर्गफुट जगह खाली कराई गई।
भविष्य के प्रशासनिक सुधारों में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी?
डॉ. सिंह के अनुसार, आगामी सुधारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक-केंद्रित सेवा प्लेटफॉर्म को प्रमुखता दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
    सीपीग्राम्स और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से पारदर्शी हो रहा शासन: डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण कोरियाई मंत्री को बताई भारत की डिजिटल सफलता
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले