9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीपीग्राम्स और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से पारदर्शी हो रहा शासन: डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण कोरियाई मंत्री को बताई भारत की डिजिटल सफलता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीपीग्राम्स और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से पारदर्शी हो रहा शासन: डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण कोरियाई मंत्री को बताई भारत की डिजिटल सफलता

सारांश

डॉ. जितेंद्र सिंह ने दक्षिण कोरियाई मंत्री यून होजुंग के साथ बैठक में सीपीग्राम्स और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को भारत के नागरिक-केंद्रित शासन की धुरी बताया। दोनों देशों ने ई-गवर्नेंस, एआई और लोक प्रशासन में सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई।

मुख्य बातें

जितेंद्र सिंह ने 20 जून 2026 को नई दिल्ली में दक्षिण कोरियाई मंत्री यून होजुंग के साथ एक घंटे से अधिक की द्विपक्षीय बैठक की।
सीपीग्राम्स और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को भारत में पारदर्शिता और नागरिक सेवाओं की मजबूती का प्रमुख उदाहरण बताया गया।
दोनों देशों ने ई-गवर्नेंस, एआई और लोक प्रशासन में सहयोग विस्तार पर सहमति जताई।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्त रणनीतिक दृष्टि वक्तव्य को सहयोग का रोडमैप बताया गया।
अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और राजा सुरो के ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख कर दोनों देशों के प्राचीन सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित किया गया।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 20 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि सीपीग्राम्स (केंद्रीयकृत जन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जैसी तकनीक-आधारित पहलें भारत में शासन की संरचना को मौलिक रूप से बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से पारदर्शिता में वृद्धि हुई है, सेवाओं की डिलीवरी सुदृढ़ हुई है और प्रशासन आम नागरिकों के और निकट आया है।

भारत-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय बैठक

डॉ. सिंह ने ये विचार दक्षिण कोरिया के गृह एवं सुरक्षा मंत्री यून होजुंग के साथ हुई व्यापक द्विपक्षीय बैठक के दौरान साझा किए। यून होजुंग इन दिनों भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक डिजिटल गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक सेवाओं में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

डिजिटल गवर्नेंस में भारत की उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की डिजिटल प्रगति का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि तकनीक-आधारित शासन प्लेटफॉर्मों ने सेवा वितरण और शिकायत निवारण तंत्र को उल्लेखनीय रूप से मज़बूत किया है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि सीपीग्राम्स और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ने प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम किया है और शासन को सामान्य नागरिकों तक सुलभ बनाया है। गौरतलब है कि ये पहलें भारत के व्यापक 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम की धुरी हैं।

भारत-कोरिया रणनीतिक साझेदारी

डॉ. सिंह ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और सुशासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। उन्होंने इस वर्ष दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्त रणनीतिक दृष्टि वक्तव्य का उल्लेख करते हुए इसे द्विपक्षीय सहयोग का महत्वपूर्ण रोडमैप बताया। उन्होंने ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और लोक प्रशासन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने का आह्वान किया।

ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव

डॉ. सिंह ने दोनों देशों के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों का भी स्मरण कराया। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और प्राचीन गया संघ के राजा सुरो के वैवाहिक संबंध का उल्लेख किया, जो आज भी भारत और दक्षिण कोरिया दोनों के लिए सांस्कृतिक महत्व रखता है। उन्होंने यून होजुंग की कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और दक्षिण कोरिया दोनों अपनी-अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं को विस्तार देने में जुटे हैं। आलोचकों का कहना है कि द्विपक्षीय घोषणाओं को ठोस कार्यान्वयन ढाँचे से जोड़ा जाना आवश्यक है, ताकि सहयोग के संकल्प वास्तविक नीतिगत परिणामों में बदल सकें। दोनों देशों के बीच ई-गवर्नेंस और एआई के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाएँ आने वाले वर्षों में और स्पष्ट होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये प्लेटफॉर्म केवल शिकायत दर्ज करने की सुविधा देते हैं या वास्तव में समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करते हैं — दोनों में फ़र्क बड़ा है। भारत-कोरिया डिजिटल सहयोग की घोषणाएँ बार-बार होती हैं, पर ठोस प्रौद्योगिकी हस्तांतरण या संयुक्त परियोजनाओं के उदाहरण अभी भी सीमित हैं। एआई और ई-गवर्नेंस में साझेदारी तभी अर्थपूर्ण होगी जब इसे मापनीय लक्ष्यों और जवाबदेही तंत्र से जोड़ा जाए।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपीग्राम्स क्या है और यह नागरिकों की कैसे मदद करता है?
सीपीग्राम्स (केंद्रीयकृत जन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) भारत सरकार का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से नागरिक केंद्र सरकार के किसी भी विभाग के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। इससे शासन में पारदर्शिता बढ़ी है और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्या होता है?
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) एक बायोमेट्रिक-आधारित प्रमाण-पत्र है जो पेंशनभोगियों को बैंक या सरकारी कार्यालय जाए बिना घर बैठे अपना जीवित होने का प्रमाण ऑनलाइन जमा करने की सुविधा देता है। इससे वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए प्रक्रिया सरल और तेज़ हुई है।
डॉ. जितेंद्र सिंह और यून होजुंग की बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
20 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में डिजिटल गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक सेवाओं में भारत-दक्षिण कोरिया सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी का आधार क्या है?
दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार, सुशासन और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। इस वर्ष राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्त रणनीतिक दृष्टि वक्तव्य इस साझेदारी का नवीनतम रोडमैप है।
भारत और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक संबंध कितने पुराने हैं?
दोनों देशों के बीच संबंध प्राचीन काल से हैं। अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और प्राचीन गया संघ के राजा सुरो के वैवाहिक संबंध को दोनों देश सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक मानते हैं, जो आज भी द्विपक्षीय संबंधों में सांस्कृतिक महत्व रखता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले