22 अगस्त 2026
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जयशंकर का 23-24 अगस्त को रूस दौरा, IRIGC-TEC के 27वें सत्र की करेंगे सह-अध्यक्षता

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जयशंकर का 23-24 अगस्त को रूस दौरा, IRIGC-TEC के 27वें सत्र की करेंगे सह-अध्यक्षता

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का 23-24 अगस्त का रूस दौरा महज़ एक औपचारिक यात्रा नहीं — यह IRIGC-TEC के 27वें सत्र और लावरोव से सीधी वार्ता का मौका है। ऊर्जा, व्यापार और यूक्रेन संघर्ष की पृष्ठभूमि में यह बैठक भारत-रूस संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

मुख्य बातें

जयशंकर 23-24 अगस्त 2026 को रूस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे।
वे IRIGC-TEC के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे, जो भारत-रूस आर्थिक सहयोग का शीर्ष मंच है।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है।
यह दौरा रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर हो रहा है।
IRIGC-TEC की स्थापना मई 1992 में हुई थी; अब तक 26 सत्र आयोजित हो चुके हैं।
पिछला 26वाँ सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में हुआ था।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23 और 24 अगस्त को रूसी संघ की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जहाँ वे भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 22 अगस्त को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दौरे की पुष्टि की।

दौरे का उद्देश्य और एजेंडा

जयशंकर यह यात्रा रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर कर रहे हैं। IRIGC-TEC सत्र में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। MEA के अनुसार, जयशंकर लावरोव के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

IRIGC-TEC: क्या है यह मंच

भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की स्थापना मई 1992 में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग समझौते के तहत की गई थी। इसका पहला सत्र 13-14 सितंबर 1994 को आयोजित हुआ था। अब तक इस आयोग के 26 सत्र हो चुके हैं — 26वाँ सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में और 25वाँ नई दिल्ली में हुआ था। इस आयोग की बैठकों की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री (या नामित मंत्री) और रूसी संघ के उप-प्रधानमंत्री करते हैं।

पिछली मुलाकात और चर्चा के बिंदु

जयशंकर और लावरोव की पिछली बैठक जुलाई 2026 में मनीला (फिलीपींस) में आसियान बैठकों के दौरान हुई थी। उस मुलाकात के बाद जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था, "रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के संबंध में हमने अपनी गहरी चिंता दोहराई।" उस बैठक में व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ था।

भारत-रूस संबंधों के लिए महत्व

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और रूस के बीच व्यापारिक और ऊर्जा संबंध तेज़ी से विकसित हो रहे हैं। IRIGC-TEC दोनों देशों के आर्थिक सहयोग की समीक्षा करने वाला प्रमुख शीर्ष मंच है, और इसके 27वें सत्र से द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आगामी सत्र के परिणाम भारत-रूस व्यापार और निवेश ढाँचे को और मज़बूत कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या भारत यूक्रेन संघर्ष पर अपनी 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति को बनाए रखते हुए रूस के साथ आर्थिक संबंधों को और गहरा कर सकता है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा — जो मनीला बैठक में भी उठा था — यह दर्शाता है कि द्विपक्षीय रिश्ते अब केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय स्तर पर भी जटिल हो रहे हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर रूस क्यों जा रहे हैं?
जयशंकर 23-24 अगस्त 2026 को रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। वहाँ वे IRIGC-TEC के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
IRIGC-TEC क्या है और इसका महत्व क्या है?
IRIGC-TEC यानी भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग) दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की समीक्षा करने वाला शीर्ष मंच है। इसकी स्थापना मई 1992 में हुई थी और पहला सत्र सितंबर 1994 में आयोजित हुआ था।
IRIGC-TEC के 27वें सत्र में किन विषयों पर चर्चा होगी?
27वें सत्र में व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी तथा सांस्कृतिक सहयोग सहित भारत-रूस साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा होगी। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श प्रस्तावित है।
जयशंकर और लावरोव की पिछली मुलाकात कब हुई थी?
दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात जुलाई 2026 में मनीला (फिलीपींस) में आसियान बैठकों के दौरान हुई थी। उस बैठक में भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ यूक्रेन संघर्ष, खाड़ी देशों की स्थिति और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई थी।
IRIGC-TEC का 26वाँ सत्र कब और कहाँ हुआ था?
IRIGC-TEC का 26वाँ सत्र 20 अगस्त 2025 को मास्को में आयोजित हुआ था, जबकि इससे पहले 25वाँ सत्र नई दिल्ली में हुआ था। अब तक इस आयोग के कुल 26 सत्र संपन्न हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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