12 जुलाई 2026
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जयशंकर-पेनी वोंग द्विपक्षीय बैठक: ECTA से AICA, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स पर आगे बढ़े भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध

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जयशंकर-पेनी वोंग द्विपक्षीय बैठक: ECTA से AICA, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स पर आगे बढ़े भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध

सारांश

क्वाड की बैठक के इतर जयशंकर और पेनी वोंग की द्विपक्षीय वार्ता ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की नई परतें खोलीं — ECTA से AICA की ओर बढ़ता व्यापार ढाँचा, यूरेनियम सहयोग और क्रिटिकल मिनरल्स पर सक्रिय टीमें। समुद्री सहयोग और इंडो-पैसिफिक में साझा हितों ने इस बैठक को महज़ औपचारिकता से कहीं आगे रखा।

मुख्य बातें

जयशंकर और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच 26 मई 2026 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई।
दोनों देश ECTA से आगे बढ़कर व्यापक AICA व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
भारत ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम आपूर्ति बढ़ाना चाहता है; परमाणु क्षेत्र में हुए घरेलू सुधारों का हवाला दिया गया।
दोनों देशों की टीमें क्रिटिकल मिनरल्स पर अलग से वार्ता कर रही हैं।
रक्षा अभ्यास , समुद्री निगरानी , स्पेस सहयोग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर भी चर्चा हुई।
क्वाड बैठक में इंडो-पैसिफिक में अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और सुरक्षित समुद्री व्यापार पर सहमति जताई गई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 26 मई 2026 को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ अलग से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग, यूरेनियम आपूर्ति और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

व्यापार और निवेश: ECTA से AICA की ओर

जयशंकर ने बैठक के बाद कहा, 'जहाँ व्यापार और निवेश की बात है, हम ECTA से आगे बढ़कर AICA पर बातचीत कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि ऊर्जा व्यापार पहले से सक्रिय है और दोनों देश इसे यूरेनियम आपूर्ति तक विस्तारित करना चाहते हैं। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के परमाणु क्षेत्र में हुए सुधारों के कारण परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यूरेनियम की माँग और बढ़ेगी।

क्रिटिकल मिनरल्स और तकनीकी सहयोग

दोनों देशों की टीमें क्रिटिकल मिनरल्स पर अलग से बातचीत कर रही हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर, EV बैटरी और रक्षा तकनीक के लिए ज़रूरी खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। ऑस्ट्रेलिया इन खनिजों का एक प्रमुख वैश्विक स्रोत है, और भारत के लिए यह साझेदारी रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

रक्षा और समुद्री सहयोग

जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा आदान-प्रदान और संयुक्त अभ्यास फिर से नियमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'समुद्री सहयोग इसका केंद्र रहा है।' इसमें समुद्री निगरानी, डोमेन अवेयरनेस, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्री केबल, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और आपदा राहत गतिविधियाँ शामिल हैं। उन्होंने स्पेस सहयोग पर भी प्रारंभिक बातचीत होने का उल्लेख किया।

क्वाड बैठक: इंडो-पैसिफिक पर साझा दृष्टिकोण

जयशंकर ने क्वाड बैठक को '2026 की पहली बैठक' बताया और कहा कि 2025 में दो बार क्वाड मंत्रियों की मुलाकात हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'विचारों का आदान-प्रदान काफी उपयोगी रहा।' क्वाड के चारों देशों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — ने इंडो-पैसिफिक में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार सुनिश्चित करने तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर ज़ोर दिया। गौरतलब है कि चारों देश बाज़ार-आधारित लोकतंत्र हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उनकी भौगोलिक उपस्थिति इस साझेदारी को विशेष महत्व देती है।

आगे की राह

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की गति को सकारात्मक बताया। जयशंकर ने कहा कि नवंबर में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात हुई थी और जनवरी में ऑस्ट्रेलियाई स्पीकर भारत आए थे, जो संसदीय और कार्यकारी स्तर पर सक्रिय जुड़ाव का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि शाम की बातचीत में क्षेत्रीय पड़ोस, वैश्विक हालात और उन त्रिपक्षीय समूहों पर भी चर्चा होगी जिनका दोनों देश हिस्सा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ECTA से AICA की ओर बढ़ने की बात और यूरेनियम सहयोग का उल्लेख संकेत देता है कि भारत अपनी परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला को विविध बनाने की दिशा में सक्रिय है। क्रिटिकल मिनरल्स पर अलग टीमों का गठन यह दर्शाता है कि यह बातचीत अब घोषणाओं से आगे बढ़कर क्रियान्वयन की ओर है। हालाँकि, AICA की समयसीमा और यूरेनियम समझौते की शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं — असली परीक्षा इन्हीं विवरणों में होगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और पेनी वोंग की द्विपक्षीय बैठक में मुख्य रूप से किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस बैठक में व्यापार समझौते (ECTA से AICA), यूरेनियम आपूर्ति, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा अभ्यास, समुद्री सहयोग और स्पेस सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा हितों और वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया।
ECTA और AICA में क्या अंतर है और भारत-ऑस्ट्रेलिया इस पर क्यों बात कर रहे हैं?
ECTA (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट) दोनों देशों के बीच पहले से लागू व्यापार समझौता है, जबकि AICA (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट) एक अधिक व्यापक और गहरा व्यापार ढाँचा है। जयशंकर ने संकेत दिया कि दोनों देश अब इस उन्नत समझौते की दिशा में बातचीत कर रहे हैं।
भारत ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम क्यों चाहता है?
जयशंकर ने बताया कि भारत के परमाणु क्षेत्र में हाल के सुधारों के कारण परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यूरेनियम की माँग बढ़ेगी। ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडारों में से एक है, इसलिए यह आपूर्ति साझेदारी भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 2026 में क्या तय हुआ?
क्वाड की 2026 की पहली बैठक में चारों देशों ने इंडो-पैसिफिक में समुद्री निगरानी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्री केबल, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और आपदा राहत में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। सुरक्षित समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को भी प्राथमिकता दी गई।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिटिकल मिनरल्स सहयोग का क्या महत्व है?
क्रिटिकल मिनरल्स — जैसे लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ खनिज — EV बैटरी, सेमीकंडक्टर और रक्षा तकनीक के लिए अनिवार्य हैं। ऑस्ट्रेलिया इनका प्रमुख वैश्विक स्रोत है और दोनों देशों की टीमें इस पर अलग से बातचीत कर रही हैं, जो भारत की आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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