तेलंगाना: रेवंत रेड्डी के भाई की कंपनी को ₹7 करोड़ में 5 एकड़ जमीन, BRS ने लोकायुक्त में दर्ज की शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने 14 अगस्त 2026 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ लोकायुक्त में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि रंगारेड्डी जिले में ₹135 करोड़ से ₹200 करोड़ के बाज़ार मूल्य वाली 5 एकड़ सरकारी भूमि को मात्र ₹7 करोड़ में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनी टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया। यह आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
शिकायत में क्या है
BRS के जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकायुक्त के समक्ष दस्तावेज़ी साक्ष्य प्रस्तुत किए। शिकायत में दावा किया गया है कि रविर्याल स्थित यह भूमि टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स को आवंटित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री के छोटे भाई कोंडल रेड्डी और उनके पुत्र नयन रेड्डी की भूमिका बताई गई है। BRS नेताओं के अनुसार, कोंडल रेड्डी ने अपने सत्यापित लिंक्डइन प्रोफाइल में स्वयं को उद्योगपति बताया है और टेसरैक्ट के माध्यम से एयरोस्पेस व रक्षा क्षेत्र में काम करने का उल्लेख किया है। वे अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच और अमेरिकी कांग्रेस स्टाफ प्रतिनिधिमंडल की गोलमेज बैठक में कंपनी के चेयरमैन के रूप में भाग ले चुके हैं।
BRS के अनुसार, नयन रेड्डी ने अपने सत्यापित प्रोफाइल में उल्लेख किया है कि वे जनवरी 2025 से टेसरैक्ट के पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। पार्टी का तर्क है कि जमीन आवंटन से करीब पाँच महीने पहले ही परिवार के दो सदस्यों ने कंपनी में शीर्ष पदों की जिम्मेदारी संभाल ली थी।
शेल कंपनी का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने कथित तौर पर लोकायुक्त को ऐसे 'साक्ष्य' सौंपे, जिनमें दावा किया गया है कि टेसरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स एक शेल कंपनी है — जिसके पास कोई कर्मचारी नहीं है और कंपनी का फोन नंबर भी फर्जी बताया गया है। BRS नेताओं के मुताबिक, मौके पर की गई जाँच में यह कंपनी एक छोटे गोदाम या दुकान जैसी इकाई निकली, जबकि यह एयरोस्पेस, रक्षा सटीक निर्माण, फोर्जिंग और कास्टिंग से जुड़ी होने का दावा करती है।
BRS की माँगें
प्रतिनिधिमंडल ने लोकायुक्त से दो प्रमुख माँगें रखीं। पहली, जाँच पूरी होने तक रविर्याल में 5 एकड़ भूमि के आवंटन को तत्काल रद्द किया जाए। दूसरी, लोकायुक्त अधिनियम के तहत उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू और तेलंगाना राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम (TGIIC) के अधिकारियों की भूमिका की व्यापक जाँच कराई जाए।
शिकायत दाखिल करने वाले प्रतिनिधिमंडल में MLC दासोजू श्रवण कुमार, MLC मंकेना कोटिरेड्डी, विधायक कलेरू वेंकटेश, विधायक मुथा गोपाल, विधायक संजय कलवाकुंटला और BRS के सोशल मीडिया संयोजक मन्ने कृषांक शामिल थे।
सरकार की प्रतिक्रिया
इस शिकायत पर तेलंगाना सरकार या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लोकायुक्त द्वारा शिकायत की स्वीकृति और आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।
आगे क्या होगा
अब यह देखना होगा कि लोकायुक्त इस शिकायत को संज्ञान में लेकर जाँच का आदेश देते हैं या नहीं। यदि जाँच शुरू होती है, तो TGIIC के भूमि आवंटन की प्रक्रिया और मुख्यमंत्री के परिवार के कथित संबंध की पड़ताल होगी। यह मामला तेलंगाना की राजनीति में आने वाले हफ्तों में और गरमा सकता है।