लिंडसे ग्राहम का पाकिस्तान पर हमला: अब्राहम अकॉर्ड्स और ईरानी एयरबेस विवाद में इस्लामाबाद की भूमिका 'चिंताजनक'
सारांश
मुख्य बातें
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 27 मई 2026 को पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ईरान से जुड़ी किसी भी मध्यस्थता प्रक्रिया में इस्लामाबाद की उपस्थिति 'सिर्फ समस्याग्रस्त ही नहीं, उससे भी अधिक चिंताजनक' है। यह बयान तब आया जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सार्वजनिक रूप से अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने की संभावना को देश की 'मूल विचारधाराओं' के विरुद्ध बताते हुए खारिज कर दिया।
एक्स पर ग्राहम का सीधा हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ग्राहम ने लिखा, 'काफी समय से मेरे लिए यह स्पष्ट है कि मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका बेहद समस्याग्रस्त है। इज़राइल के प्रति उसकी दुश्मनी बहुत पुरानी है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'यह निर्विवाद है कि ईरानी सैन्य विमान पाकिस्तानी एयरबेस पर रखे गए हैं और इज़राइल के खिलाफ पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों की पिछली बयानबाज़ी चिंताजनक रही है।'
गौरतलब है कि ग्राहम परंपरागत रूप से पाकिस्तान के प्रति अपेक्षाकृत नरम रुख रखने वाले नेता माने जाते हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी हैं। ऐसे में उनकी यह कड़ी आलोचना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
ख्वाजा आसिफ का स्पष्ट इनकार
पाकिस्तानी चैनल समा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने की किसी भी अटकल को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि हमें ऐसे किसी समझौते में शामिल होना चाहिए जो हमारी मूल विचारधाराओं से टकराता हो।' इज़राइल के साथ संवाद की संभावना पर उन्होंने पूछा, 'आप उन लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता?'
ग्राहम ने आसिफ के इस पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि भले ही वह वीडियो एक वर्ष पुराना हो, 'मुझे डर है कि भावना आज भी वही है।'
कांग्रेस सुनवाई में भी उठा था मुद्दा
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी कांग्रेस की एक सुनवाई के दौरान भी ग्राहम ने पाकिस्तान पर तीखे सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, 'मुझे पाकिस्तान पर उतना भी भरोसा नहीं है जितना मैं उसे फेंक सकता हूं। अगर वास्तव में ईरानी विमान पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद हैं ताकि ईरान की सैन्य संपत्तियों की रक्षा हो सके, तो हमें शायद किसी और मध्यस्थ की तलाश करनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा था, 'कोई आश्चर्य नहीं कि यह मामला आगे नहीं बढ़ रहा।'
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब अमेरिकी और सोशल मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने सैन्य विमान पाकिस्तानी एयरबेस पर तैनात किए हैं — हालाँकि पाकिस्तान ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
पाकिस्तान की चुप्पी और आगे की राह
ग्राहम के ताज़ा आरोपों पर इस्लामाबाद की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ग्राहम ने स्पष्ट किया कि 'इस संदर्भ में यह बेहद जरूरी है कि पाकिस्तान अब राष्ट्रपति ट्रंप की अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने की अपील पर स्पष्ट जवाब दे।'
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान से जुड़ी कूटनीतिक पहलों के तहत अब्राहम अकॉर्ड्स में क्षेत्रीय भागीदारी विस्तार की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान का रुख इस प्रक्रिया में अमेरिकी धैर्य की सीमाओं को परखने वाला साबित हो सकता है।