पाकिस्तान ने CBS न्यूज की 'ईरानी विमान' रिपोर्ट खारिज की, कहा — नूर खान एयरबेस पर उपस्थिति कूटनीतिक थी, सैन्य नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 12 मई 2025 को अमेरिकी चैनल CBS न्यूज की उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरानी सैन्य विमान को अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए नूर खान एयरबेस, इस्लामाबाद पर गुपचुप तरीके से पार्क किया गया था। पाकिस्तान ने इस दावे को "गुमराह करने वाला और सनसनीखेज" करार दिया और स्पष्ट किया कि विमान की उपस्थिति पूरी तरह कूटनीतिक और लॉजिस्टिक प्रकृति की थी।
CBS न्यूज ने क्या दावा किया
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से CBS न्यूज ने रिपोर्ट किया था कि पाकिस्तान ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक मध्यस्थ की भूमिका का लाभ उठाते हुए ईरानी सैन्य विमान को अपने एयरफील्ड पर पार्क करने की अनुमति दी, ताकि वे संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से सुरक्षित रह सकें। इस रिपोर्ट ने क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए।
पाकिस्तान का आधिकारिक बयान
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "सीजफायर के बाद और इस्लामाबाद में बातचीत के शुरुआती दौर के दौरान, वार्ता प्रक्रिया से जुड़े कूटनीतिक अधिकारियों, सुरक्षा टीमों और सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए ईरान और अमेरिका से कई एयरक्राफ्ट पाकिस्तान पहुंचे।" मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अगले दौर की बातचीत की संभावना को देखते हुए कुछ एयरक्राफ्ट और सपोर्ट स्टाफ कुछ समय के लिए पाकिस्तान में रुके रहे।
मंत्रालय ने आगे कहा कि ईरान के विदेश मंत्री का इस्लामाबाद दौरा इन्हीं मौजूदा लॉजिस्टिक और प्रशासनिक इंतजामों के जरिए संभव बनाया गया था। बयान में दोटूक कहा गया कि पाकिस्तान में मौजूद ईरानी एयरक्राफ्ट सीजफायर के दौरान आया था और उसका किसी सैन्य आपातस्थिति या बचाव व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है।
पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका का बचाव
विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने बातचीत और तनाव कम करने की दिशा में लगातार एक निष्पक्ष, रचनात्मक और जिम्मेदार मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि इस पूरी प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों के साथ पूरी पारदर्शिता और लगातार संवाद बनाए रखा गया।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के बीच क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की सक्रिय भागीदारी अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बनी हुई है। गौरतलब है कि औपचारिक बातचीत अभी तक दोबारा शुरू नहीं हुई है, लेकिन मंत्रालय के अनुसार वरिष्ठ स्तर पर कूटनीतिक संपर्क जारी हैं।
रिपोर्ट के निहितार्थ और क्षेत्रीय स्थिरता
पाकिस्तान ने CBS न्यूज के दावों को "अंदाजों पर आधारित, भ्रामक और वास्तविकता से पूरी तरह अलग" बताया। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इस तरह के अटकलबाजी वाले दावे क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए चल रही कोशिशों को कमजोर करने की मंशा से किए गए प्रतीत होते हैं।
पाकिस्तान ने अपने बयान का समापन इस प्रतिबद्धता के साथ किया कि वह बातचीत को बढ़ावा देने, तनाव कम करने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति, स्थिरता एवं सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की जाने वाली सभी ईमानदार कोशिशों का समर्थन करता रहेगा। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या अमेरिका-ईरान वार्ता का अगला दौर इस्लामाबाद में ही आयोजित होता है।