पाक एयरबेस पर छिपाए ईरानी विमान: सीबीएस रिपोर्ट में खुलासा, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने उठाए सवाल

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पाक एयरबेस पर छिपाए ईरानी विमान: सीबीएस रिपोर्ट में खुलासा, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने उठाए सवाल

अमेरिकी मीडिया संस्थान सीबीएस न्यूज ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पाकिस्तान ने एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा किया, और दूसरी तरफ ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरफील्ड पर पार्क करने की अनुमति दी — ताकि वे संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से बच सकें। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

क्या है पूरा मामला

अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर नाम न बताने की शर्त पर सीबीएस न्यूज को बताया कि अप्रैल 2025 की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर की घोषणा किए जाने के कुछ दिनों बाद, तेहरान ने पाकिस्तान एयर फोर्स के नूर खान बेस पर कई विमान भेजे। यह बेस पाकिस्तानी गैरीसन शहर रावलपिंडी के बाहर स्थित एक रणनीतिक सैन्य ठिकाना है।

इन विमानों में ईरानी वायु सेना का एक आरसी-130 विमान भी शामिल था, जो लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट विमान का टोही और खुफिया जानकारी जुटाने वाला वेरिएंट है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने पड़ोसी देश अफगानिस्तान में भी कुछ नागरिक विमान पार्क करने के लिए भेजे थे, हालाँकि दो अधिकारियों ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि उनमें सैन्य विमान भी शामिल थे या नहीं।

लिंडसे ग्राहम की कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीबीएस की रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा,

राष्ट्र प्रेस