अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में करेंगे ईरान-अमेरिका सुलह की कोशिश

Click to start listening
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में करेंगे ईरान-अमेरिका सुलह की कोशिश

सारांश

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव ने पाकिस्तान को मध्यस्थता की भूमिका में ला दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्तान दौरे की उम्मीदें बढ़ रही हैं। क्या यह तनाव को कम कर पाएगा?

Key Takeaways

  • ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव
  • पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति का संभावित दौरा
  • ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के सफल परिणाम
  • ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान की प्रगति

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अब अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी शर्तें लागू करना चाहता है, जबकि ईरान अपनी स्थिति पर अड़ा हुआ है। इस बीच, पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्तान दौरे की भी चर्चा हो रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उपराष्ट्रपति वेंस का पाकिस्तान दौरा अमेरिका-इजरायल युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत के उद्देश्य से हो सकता है। सीएनएन ने दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान खुद को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने के बाद इस्लामाबाद में एक चर्चा की योजना बना रहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जेडी वेंस संभवतः डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ पाकिस्तान जा सकते हैं। इससे पहले, द फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया था कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बातचीत की थी। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बात की।

इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “निर्धारित समय से आगे बढ़ रहा है और अपने मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुंच रहा है।” वॉशिंगटन तेहरान के साथ “सार्थक” बातचीत जारी रखे हुए है, जिसका लक्ष्य इस संघर्ष को समाप्त करना है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिका “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है।

उन्होंने कहा, “तीन हफ्ते से थोड़ा अधिक समय में यह स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक महत्वपूर्ण सैन्य जीत साबित हुआ है।” अब तक 9,000 से अधिक दुश्मन ठिकानों पर हमला किया जा चुका है।

लेविट ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिसे उन्होंने “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तीन हफ्तों में किसी नौसेना का सबसे बड़ा विनाश” बताया।

कैरोलिन लेविट ने कहा, “हर गुजरते दिन के साथ हमारे सैन्य प्रयास अधिक सफल हो रहे हैं और ईरान के व्यापारिक जहाजों को डराने की क्षमता लगातार कम हो रही है। इस अभियान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए शिपिंग को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।”

Point of View

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। यह एक ऐसा क्षण है जब वैश्विक राजनीति में संवाद और सहमति की आवश्यकता है।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

जेडी वेंस पाकिस्तान क्यों जा रहे हैं?
वे ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत करने जा रहे हैं।
पाकिस्तान का क्या प्रयास है?
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने का प्रयास कर रहा है।
व्हाइट हाउस का क्या कहना है?
व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान अपने लक्ष्यों के करीब है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या है?
यह अमेरिका का एक सैन्य अभियान है जिसका लक्ष्य ईरान के सैन्य ठिकानों को कमजोर करना है।
ईरान की वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।
Nation Press