21 जुलाई 2026
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अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर वार्ता के लिए वेंस का पाकिस्तान दौरा, 71 ईरानी प्रतिनिधि शामिल

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अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर वार्ता के लिए वेंस का पाकिस्तान दौरा, 71 ईरानी प्रतिनिधि शामिल

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता को लेकर महत्वपूर्ण गतिविधियां चल रही हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान पहुंचे हैं, जहां ईरानी डेलिगेशन का भी आगमन हुआ है। यह वार्ता स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में 71 लोग शामिल हैं।
पाकिस्तान में सुरक्षा के लिए 10,000 से अधिक पुलिस तैनात हैं।
यूरोपीय संघ ने सीजफायर का सम्मान करने की अपील की है।
वार्ता से मध्य पूर्व में स्थायी शांति की संभावना है।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही, ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी वहां मौजूद है।

उपराष्ट्रपति वेंस का स्वागत पाकिस्तान के मिलिट्री हेड असीम मुनीर, विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की चार्ज डी’अफेयर्स नैटली बेकर ने किया।

इस अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर कर रहे हैं। ये सभी शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे।

सरकारी मीडिया तस्नीम के अनुसार, इस्लामाबाद में ईरान के प्रतिनिधिमंडल में 71 लोग शामिल हैं। इनमें वार्ताकार, विशेषज्ञ, मीडिया प्रतिनिधि और सुरक्षा कर्मचारी शामिल हैं।

तस्नीम ने यह भी बताया कि ईरान के संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ इस डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी शामिल हैं।

यूरोपीय संघ की एक्सटर्नल एक्शन सर्विस (ईईएएस) ने सभी संबंधित पक्षों से ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का पूर्ण सम्मान करने की अपील की है। साथ ही, लेबनान में दुश्मनी समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

ईईएएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "हम मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए सभी कूटनीतिक प्रयासों में सहायता करेंगे।"

पाकिस्तान के सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से पहले सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। डॉन के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले फेडरल कैपिटल 'रेड अलर्ट' पर था। दोनों देशों के डेलिगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

एक दिन पहले डॉन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मल्टी-टियर सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख मिलिट्री करेगी। इसमें रेंजर्स जैसी पैरामिलिट्री फोर्स और इस्लामाबाद और पंजाब पुलिस सहायता करेगी। इस्लामाबाद ट्रैफिक पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मोटरवे पुलिस को सड़कों पर तैनात किया गया है।

कैपिटल पुलिस के करीब 6,000 लोग, फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी के 900 लोग, और पंजाब कॉन्स्टेबुलरी के 3,000 लोग, रेंजर्स और पाकिस्तान आर्मी के सैनिकों के साथ ड्यूटी करेंगे। लगभग 1,000 ट्रैफिक पुलिस अधिकारी भी तैनात किए जा रहे हैं।

सेना और रेंजर्स रेड जोन और उच्च स्तर की सुरक्षा जोन की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। क्विक रिस्पॉन्स फोर्स की टीमें भी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इस वार्ता का मुख्य लक्ष्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करना और स्थायी शांति स्थापित करना है।
ईरानी डेलिगेशन में कितने सदस्य हैं?
ईरानी डेलिगेशन में कुल 71 सदस्य शामिल हैं।
पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था कैसे की गई है?
पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
कौन-कौन से प्रमुख लोग वार्ता में शामिल हैं?
इस वार्ता में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ शामिल हैं।
यूरोपीय संघ का इस वार्ता में क्या कहना है?
यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से सीजफायर का सम्मान करने और लेबनान में दुश्मनी खत्म करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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