17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप का दावा: ईरान समझौता चाहता है, सेंटकाम ने गोरुक और केश्म पर किए हमले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप का दावा: ईरान समझौता चाहता है, सेंटकाम ने गोरुक और केश्म पर किए हमले

सारांश

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान से समझौते की उम्मीद जताई, लेकिन उसी दिन सेंटकाम ने गोरुक और केश्म पर हमले किए और आईआरजीसी ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। कूटनीति और सैन्य टकराव एक साथ चलने की यह तस्वीर अमेरिका-ईरान संबंधों की जटिलता को उजागर करती है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 1 जून 2026 को ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान समझौता चाहता है।
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं पर नकारात्मक टिप्पणियों से वार्ता बाधित करने का आरोप लगाया।
सेंटकाम ने उसी दिन ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए — ईरान द्वारा MQ-1 ड्रोन गिराए जाने के जवाब में।
सेंटकाम ने ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम , एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन नष्ट किए।
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने सीरिक द्वीप हमले में इस्तेमाल हुए अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला किया।
ट्रंप की पोस्ट में सेंटकाम की सैन्य कार्रवाई और आईआरजीसी के जवाब का कोई उल्लेख नहीं था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 जून 2026 को एक बार फिर दावा किया कि ईरान परमाणु मुद्दे पर समझौता करने का इच्छुक है, और यह समझौता अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के हित में होगा। यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने उसी दिन ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर सैन्य कार्रवाई की घोषणा की।

ट्रंप का ट्रुथ सोशल बयान

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, 'ईरान समझौता चाहता है,' और यह 'अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए अच्छा होगा।' उन्होंने साथ ही डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार नकारात्मक टिप्पणियाँ वार्ता प्रक्रिया को बाधित करती हैं।

ट्रंप ने लिखा, 'डेमोक्रेट्स और कुछ ऐसे रिपब्लिकन (जो देशभक्ति से रहित प्रतीत होते हैं) यह नहीं समझते कि जब राजनीतिक लोग लगातार नकारात्मक टिप्पणियाँ करते रहते हैं — जैसे मुझे तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए, धीमे चलना चाहिए, युद्ध करना चाहिए, नहीं करना चाहिए — तो मेरे लिए अपना काम ठीक तरह से करना और बातचीत करना कहीं अधिक कठिन हो जाता है।' उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, 'बस आराम से बैठिए, आखिर में सब अच्छा होगा। हमेशा ऐसा ही होता है।'

सेंटकाम की सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने 1 जून को बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए। सेंटकाम के अनुसार, इस कार्रवाई में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन नष्ट किए गए। दावा किया गया कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुज़रने वाले जहाज़ों के लिए ख़तरा पैदा कर रहे थे।

सेंटकाम ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने इससे पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।

आईआरजीसी का जवाबी दावा

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने उस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया जहाँ से दक्षिणी ईरान के सीरिक द्वीप के टेलीकॉम टावर पर हमला किया गया था। हालाँकि, आईआरजीसी ने इस एयरबेस की सटीक स्थिति का खुलासा नहीं किया।

गौरतलब है कि ट्रंप की ट्रुथ सोशल पोस्ट में सेंटकाम के इन ताज़ा हमलों और आईआरजीसी की जवाबी कार्रवाई का कोई उल्लेख नहीं था — जो कूटनीतिक और सैन्य संदेशों के बीच की खाई को उजागर करता है।

व्यापक संदर्भ

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एक तरफ ट्रंप समझौते की उम्मीद जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ दोनों देशों की सेनाएँ आमने-सामने हैं। विश्लेषकों के अनुसार, कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों का यह एक साथ चलना किसी भी वार्ता प्रक्रिया को जटिल बना सकता है।

आगे क्या

फ़िलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी औपचारिक वार्ता की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे वार्ता के रास्ते को खुला रखना चाहते हैं, लेकिन सैन्य तनाव में कमी के बिना कोई ठोस प्रगति मुश्किल मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इतिहास बताता है कि इस तरह की दोहरी चाल अक्सर वार्ता की मेज़ को उलट देती है। आईआरजीसी के जवाबी दावे को ट्रंप की पोस्ट में जगह न मिलना यह भी दर्शाता है कि घरेलू राजनीतिक संदेश और ज़मीनी सैन्य हकीकत के बीच की खाई बढ़ रही है। बिना किसी सत्यापन-योग्य वार्ता ढाँचे के, ये बयान महज़ राजनीतिक संकेत बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान समझौते को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने 1 जून 2026 को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान समझौता चाहता है और यह अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के लिए अच्छा होगा। उन्होंने लोगों से संयम बरतने और नकारात्मक टिप्पणियाँ न करने की अपील भी की।
सेंटकाम ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था, जिसके जवाब में गोरुक और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए गए। इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन नष्ट किए गए।
आईआरजीसी ने क्या जवाबी कार्रवाई की?
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने उस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया जहाँ से दक्षिणी ईरान के सीरिक द्वीप के टेलीकॉम टावर पर हमला किया गया था। हालाँकि आईआरजीसी ने उस एयरबेस की सटीक स्थिति नहीं बताई।
क्या अमेरिका-ईरान वार्ता की कोई तारीख तय है?
फ़िलहाल किसी औपचारिक वार्ता की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव जारी है।
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन नेताओं पर क्या आरोप लगाया?
ट्रंप ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं की लगातार नकारात्मक टिप्पणियाँ — जैसे युद्ध करो या न करो, तेज़ चलो या धीमे — वार्ता प्रक्रिया को बाधित करती हैं और उनके लिए काम करना कठिन बनाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले