भारत-न्यूजीलैंड FTA: न्यूजीलैंड ने 15 वर्षों में $20 अरब निवेश की प्रतिबद्धता जताई, CII ने बताया ऐतिहासिक कदम
सारांश
Key Takeaways
- न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में $20 अरब निवेश को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।
- FTA के तहत भारतीय निर्यात को 100%25 ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगी।
- अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को $5 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य।
- CII महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने इसे भारतीय उद्योग के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
- ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, एग्रीटेक और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्रों को सर्वाधिक लाभ की संभावना।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने 27 अप्रैल 2026 को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का जोरदार स्वागत किया और कहा कि यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देने वाला दूरदर्शी कदम है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में $20 अरब (लगभग ₹1.67 लाख करोड़) तक के निवेश को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
समझौते में क्या है खास
इस FTA की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसमें व्यापार के साथ-साथ निवेश को भी एक ढाँचे में जोड़ा गया है। CII के अनुसार, इससे भारत में औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और इनोवेशन हब्स के विकास को सीधी गति मिलेगी। यह मॉडल व्यापार, निवेश और रोज़गार सृजन को एक साथ जोड़कर समग्र विकास को बढ़ावा देता है — जो परंपरागत द्विपक्षीय व्यापार समझौतों से एक कदम आगे है।
इसके अलावा, FTA के अंतर्गत भारतीय निर्यात को 100%25 ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलने का प्रावधान है, जिससे आने वाले वर्षों में व्यापार में उल्लेखनीय विस्तार की संभावना है। समझौते का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को $5 अरब तक पहुँचाना है।
कौन-से क्षेत्र होंगे लाभान्वित
CII ने रेखांकित किया कि ट्रांसपोर्ट और ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स, प्लास्टिक और रबर, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्र इस FTA से सीधे लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीटेक, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और फार्मास्युटिकल्स जैसे तेज़ी से उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
टेक्सटाइल, लेदर, सिरेमिक और ऑटो कंपोनेंट्स में टैरिफ समाप्त होने से नए बाज़ारों में विस्तार और निरंतर निर्यात वृद्धि के अवसर मिलेंगे। साथ ही, ग्रीन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग में साझेदारी जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायक होगी।
CII महानिदेशक की प्रतिक्रिया
CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने इस समझौते के लिए भारत सरकार को बधाई देते हुए कहा,