बिदादी टाउनशिप विवाद: कर्नाटक BJP ने 17 जुलाई को राज्यव्यापी धरने का ऐलान, किसानों पर FIR वापसी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 जुलाई 2026 को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी की माँग है कि बिदादी टाउनशिप परियोजना को तत्काल रद्द किया जाए और परियोजना का विरोध करने वाले किसानों व संगठनों के नेताओं पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाएँ। बल्लारी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 15 जुलाई को यह घोषणा की गई।
मुख्य घोषणाएँ और माँगें
कर्नाटक BJP अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी के विधायक, सांसद, पूर्व विधायक और पूर्व सांसद 17 जुलाई को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एक दिवसीय धरना देंगे। विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर गरीबों और किसानों के विरुद्ध नीतियाँ अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि BJP इस आंदोलन को और तेज़ करेगी।
उन्होंने कृषि मंत्री की तत्काल नियुक्ति की भी माँग की और कहा कि सूखे की स्थिति में किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बिदादी टाउनशिप विवाद की पृष्ठभूमि
कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित बिदादी तालुक के मंडलाहल्ली गाँव में प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि सर्वेक्षण शुरू किया था। इस सर्वेक्षण को बाधित करने के आरोप में 20 से अधिक किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर महिलाओं ने अधिकारियों के वाहन पर झाड़ू से प्रहार किया, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और सर्वेक्षण दल को खदेड़ दिया, जिससे सरकारी अमला काम बीच में ही छोड़कर लौट गया। किसानों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण हो सकता है।
विजयेंद्र के आरोप
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार किसानों के हित की तुलना में रियल एस्टेट के हितों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब शिवकुमार जल संसाधन मंत्री थे, तब तुंगभद्र जलाशय के क्रेस्ट गेट की मरम्मत में 24 महीने लग गए, जिससे किसान दूसरी फसल नहीं उगा सके और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर ही शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप परियोजना के संबंध में आदेश जारी कर दिए।
विधानसभा सत्र में विपक्ष की रणनीति
विजयेंद्र ने घोषणा की कि 6 अगस्त से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में BJP और जनता दल (सेक्युलर) (JDS) मिलकर किसानों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरेंगे। विपक्ष बिदादी टाउनशिप परियोजना, उत्तरी कर्नाटक को प्रभावित करने वाले मुद्दों और कावेरी बेसिन में किसानों की परेशानियों को सदन में उठाने की योजना बना रहा है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्ष के बीच कृषि नीतियों को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। 17 जुलाई का धरना और 6 अगस्त से विधानसभा सत्र में विपक्ष की आक्रामक रणनीति यह संकेत देती है कि बिदादी विवाद आने वाले हफ्तों में कर्नाटक की राजनीति का केंद्रबिंदु बना रहेगा।