भारत-यूके सीईटीए लागू: हैदराबाद और अहमदाबाद से यूके के लिए पहली निर्यात खेप रवाना
सारांश
मुख्य बातें
भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने के ऐतिहासिक अवसर पर 15 जुलाई 2026 को हैदराबाद और अहमदाबाद से यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिए पहली आधिकारिक निर्यात खेपें रवाना की गईं। इस कदम को भारत-यूके के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
हैदराबाद के सनतनगर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) से तेलंगाना की पहली निर्यात खेपें रवाना की गईं। वहीं, गुजरात के साणंद (अहमदाबाद के निकट) में एक विशेष फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के संयुक्त महानिदेशक राहुल सिंह और ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त स्टीव हिकलिंग उपस्थित रहे।
समझौते के जश्न के तहत निजामाबाद में जिला कलेक्टर इला त्रिपाठी (आईएएस) ने एपीईडीए और स्पाइसेज बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में श्री गजानन इंडस्ट्रीज की चावल की निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाई। हैदराबाद में डीजीएफटी के संयुक्त महानिदेशक संभाजी चव्हाण ने फ्युमर एग्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खाद्य उत्पादों की खेप रवाना की।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
तेलंगाना सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव कृष्ण आदित्य (आईएएस) ने कहा कि यह समझौता भारत और यूके के आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा और अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इससे भारतीय निर्यातकों को यूके के बाज़ार में बेहतर पहुँच मिलेगी और टैरिफ में कमी से तेलंगाना के निर्यातकों को वैश्विक बाज़ार में प्रतिस्पर्धा का बेहतर अवसर मिलेगा।
डीजीएफटी हैदराबाद के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संपत कुमार (आईटीएस) ने कहा कि सीईटीए के तहत कई उत्पादों को रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए यूके में निर्यात के नए और बेहतर अवसर बनेंगे।
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की सचिव भवानी (आईएएस) ने कहा कि इस समझौते का लाभ केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा — फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में तेलंगाना की पहले से मज़बूत स्थिति को देखते हुए राज्य इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकता है।
यूके हाई कमीशन में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रमुख सिद्धार्थ विश्वनाथन ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे बाज़ार तक पहुँच बेहतर होगी, कस्टम्स प्रक्रिया सरल बनेगी और दस्तावेज़ीकरण का बोझ भी कम होगा।
आम जनता और उद्योगों पर असर
वर्ष 2025-26 में तेलंगाना से यूके को लगभग 40.25 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जिसमें मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, जैविक उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और मेडिकल डिवाइस शामिल रहे। सीईटीए के तहत कई उत्पादों पर शुल्क समाप्त होने या उल्लेखनीय रूप से कम होने से तेलंगाना के उत्पाद यूके बाज़ार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
एपीईडीए (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) के क्षेत्रीय प्रमुख आरपी नायडू ने कहा कि कृषि उत्पादों, प्रोसेस्ड फूड, डेयरी उत्पादों, मिठाइयों और मिलेट्स (श्री अन्न) के निर्यात को इस समझौते से काफी फायदा मिलेगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार कृषि निर्यात को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
क्या होगा आगे
सीईटीए के लागू होने से छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा, निर्यात-आधारित उत्पादन में निवेश बढ़ेगा और नए रोज़गार सृजित होंगे। रियायती शुल्क, सरल कस्टम्स प्रक्रिया और नियमों में बेहतर तालमेल — ये तीन स्तंभ इस समझौते को पिछले व्यापार करारों से अलग बनाते हैं। भारत-यूके व्यापार संबंधों का अगला अध्याय अब इस ढाँचे के क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगा।