जो बाइडेन की किताब 'प्रॉमिस मी, अमेरिका' 17 नवंबर को होगी प्रकाशित, 2024 चुनाव से हटने की असली वजह होगी उजागर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन अपना संस्मरण 'प्रॉमिस मी, अमेरिका' इस वर्ष 17 नवंबर को प्रकाशित करने जा रहे हैं, जिसमें उन्होंने व्हाइट हाउस में बिताए चार वर्षों के अनुभव और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हटने के पीछे की भावनात्मक वजह को पहली बार विस्तार से साझा किया है। यह किताब प्रकाशन संस्था लिटिल, ब्राउन एंड कंपनी द्वारा प्रकाशित की जाएगी और अभी से प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है।
किताब की घोषणा और बाइडेन का संदेश
बाइडेन ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैंने राष्ट्रपति के तौर पर अपने समय पर एक किताब लिखी है। इसका नाम 'प्रॉमिस मी, अमेरिका' है। यह 17 नवंबर को आ रही है और अभी से प्री-ऑर्डर की जा सकती है।' प्रकाशक के अनुसार, यह संस्मरण बाइडेन के राष्ट्रपति कार्यकाल की चुनौतियों, उपलब्धियों, दुखद पलों और सफलताओं का खुलकर बयान करती है।
चुनाव से हटने का निर्णय — किताब का सबसे अहम हिस्सा
किताब का सर्वाधिक चर्चित अध्याय उस फैसले पर केंद्रित है जब बाइडेन ने 21 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से हटने की घोषणा की थी। रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बहस में खराब प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया था। प्रकाशक का कहना है कि बाइडेन पहली बार विस्तार से बताएंगे कि यह फैसला उनके लिए कितना कठिन और भावनात्मक था, और कैसे उन्होंने अपने निजी राजनीतिक लक्ष्य से ऊपर अपनी पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता दी। इसके बाद उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया।
कार्यकाल की चुनौतियाँ और उपलब्धियाँ
20 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति पद संभालने के समय अमेरिका कई संकटों से घिरा था — 6 जनवरी के कैपिटल हमले की छाया, कोविड-19 महामारी का कहर और कमज़ोर होती अर्थव्यवस्था। किताब में बाइडेन बताते हैं कि उन्होंने देश को पुनः एकजुट करने, सरकारी संस्थाओं में जनविश्वास बहाल करने और यह प्रमाणित करने की कोशिश की कि लोकतंत्र अब भी आम नागरिकों के लिए कारगर है।
उनके कार्यकाल की प्रमुख नीतिगत उपलब्धियों में अरबों डॉलर का इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम, अमेरिका में पुनः मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की पहल, स्वास्थ्य सेवाओं की लागत में कमी और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बनाए गए कानून शामिल हैं। बाइडेन ने अपनी आर्थिक नीति को 'मध्यम वर्ग से शुरुआत करके नीचे तक सभी को फायदा पहुँचाने वाली अर्थव्यवस्था' के रूप में परिभाषित किया।
विदेश नीति पर बाइडेन का नज़रिया
संस्मरण में विदेश नीति पर भी बाइडेन अपने अनुभव साझा करेंगे — अमेरिका ने अपने पुराने सहयोगी देशों के साथ संबंध कैसे मज़बूत किए, नाटो को कैसे आधुनिक बनाया और रूस के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन कैसे तैयार किया। गौरतलब है कि यह कार्यकाल अमेरिकी इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे दौरों में से एक रहा।
बाइडेन का राजनीतिक सफर
जो बाइडेन 2021 से 2025 तक अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति रहे। व्हाइट हाउस पहुँचने से पहले उन्होंने 36 वर्षों तक डेलावेयर राज्य से अमेरिकी सीनेट में प्रतिनिधित्व किया और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में आठ वर्षों तक उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। यह किताब उनके पाँच दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन का एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ बनने की संभावना है।