PM मोदी ने NDA कॉन्क्लेव में भारतीय खिलाड़ियों की सराहना की, ओलंपिक के लिए बड़े लक्ष्य रखने का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) कॉन्क्लेव में भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर होते प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और देशवासियों से ओलंपिक के लिए ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में भारत की बढ़ती सफलता देश की उभरती आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
NDA कॉन्क्लेव में खेल पर विशेष संदेश
बुधवार को आयोजित इस कॉन्क्लेव में NDA के सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व तथा NDA शासित 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री उपस्थित थे। यह आयोजन केंद्र में NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों के उपलक्ष्य में बुलाया गया था। इसी अवसर पर NDA ने एक प्रस्ताव पारित कर मोदी को सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी और उनके नेतृत्व को 'शानदार' करार दिया।
खेल जगत पर प्रधानमंत्री के विचार
मोदी ने युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा, "भारतीय युवा खेलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका प्रदर्शन हर दिन बेहतर होता जा रहा है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत तेज़ी से पेशेवर खेलों के एक बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत धीरे-धीरे दुनिया की कुछ सबसे बड़ी खेल लीग का घर बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह पहचान और मज़बूत होगी। ओलंपिक के लिए हमारी तैयारियाँ भी भारत की आकांक्षाओं को दिखाती हैं।"
बड़े लक्ष्यों और साहसी सोच का आह्वान
साहसी दृष्टिकोण अपनाने की ज़रूरत पर बल देते हुए मोदी ने खिलाड़ियों और खेल से जुड़े सभी लोगों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की अपील की। उन्होंने कहा, "हमें छोटी सोच नहीं रखनी चाहिए। हमें बड़े लक्ष्य तय करने चाहिए और उन्हें पाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए।"
सुधार और विकास एजेंडे से जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने खेलों में भारत की प्रगति को देश के व्यापक विकास एजेंडे से जोड़ते हुए सुधारों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "आज भारत सुधारों की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हमारे लिए सुधार कोई मजबूरी नहीं है; सुधार हमारा संकल्प है।"
गौरतलब है कि यह वह दौर है जब भारत अगले ओलंपिक चक्र की तैयारियों में जुटा है और सरकार खेल अवसंरचना में निवेश बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। आने वाले समय में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रदर्शन पर सरकार की नीतियों की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।