एनडीए कॉन्क्लेव में 'विकसित भारत' का संकल्प, मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर नेताओं ने बताया ऐतिहासिक
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। यह विशेष बैठक केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के उपलक्ष्य में बुलाई गई थी। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को बधाई दी और उनके नेतृत्व की सराहना की।
कॉन्क्लेव का संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि यह कॉन्क्लेव ऐसे समय में आयोजित हुई जब एनडीए गठबंधन अपने तीसरे कार्यकाल में है। 12 वर्षों के निरंतर शासन के साथ मोदी ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। बैठक में प्रधानमंत्री के योगदान को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह दिन भारतीय राजनीति और लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने मोदी के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की जनता की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका कार्यकाल देश के विकास और जनकल्याण के लिए उल्लेखनीय रहा है।
उपमुख्यमंत्रियों के विचार
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में प्रधानमंत्री मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक देश की सेवा की है और यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
उत्तर प्रदेश के दूसरे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में तिरंगे का सम्मान विश्वभर में और ऊँचा होता रहेगा। मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसी दीखो ने भी विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश ने इस दौरान उल्लेखनीय प्रगति देखी है।
वरिष्ठ नेताओं की राय
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक नया रिकॉर्ड बना है और एनडीए की सामूहिक ताकत हमेशा राष्ट्रहित के लिए समर्पित रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढाँचे और सुशासन से जुड़े विकास कार्यों की विशेष सराहना की गई।
राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मोदी ने लंबे समय तक देश की सेवा करते हुए कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में उनके योगदान को लेकर पारित प्रस्ताव में सभी नेताओं ने एकमत से समर्थन दिया।
आगे की दिशा
कॉन्क्लेव में 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराते हुए एनडीए नेताओं ने आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा की। यह आयोजन गठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करने और सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने का मंच बना। आने वाले समय में 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में एनडीए की रणनीति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।