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मोदी बने सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित PM, 4,399 दिन पूरे; कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

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मोदी बने सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित PM, 4,399 दिन पूरे; कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

सारांश

10 जून 2026 को नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों के अखंड कार्यकाल के साथ नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा — भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष प्रस्ताव पारित किया और भारत मंडपम में एनडीए की बड़ी बैठक आयोजित हुई।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड बनाया।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सर्वसम्मति से एक विशेष प्रस्ताव पारित कर मोदी को बधाई दी।
मोदी ने 2014 , 2019 और 2024 में लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
भारत मंडपम में एनडीए की बैठक में 22 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 4,399 दिनों के अखंड कार्यकाल के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक विशेष प्रस्ताव पारित कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को बधाई दी।

कैबिनेट का प्रस्ताव और सम्मान

बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सभी कैबिनेट सदस्यों ने खड़े होकर तालियाँ बजाते हुए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें मोदी के नेतृत्व और उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। यह प्रस्ताव केंद्र में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पारित किया गया।

रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि

इस तुलना के लिए नेहरू के 1952 के बाद के कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि 1947 से 1952 के बीच उन्होंने पहले आम चुनाव से पूर्व अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुल 14 वर्ष से अधिक समय तक पद संभाला था, परंतु उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। मोदी ने 2014 में पहली बार शपथ ली, 2019 में लगातार दूसरा जनादेश प्राप्त किया और 2024 में ऐतिहासिक तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

12 वर्षों की प्रमुख परियोजनाएँ

मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बड़ी आधारभूत संरचना और राष्ट्र-निर्माण परियोजनाएँ शुरू की गईं। इनमें नई संसद भवन, सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास, कर्तव्य पथ, वंदे भारत ट्रेनें, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, आईएनएस विक्रांत, कश्मीर रेल लिंक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत आरआरटीएस और गंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं।

एनडीए की भारत मंडपम बैठक

इसी दिन नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण बैठक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। एनडीए शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गठबंधन सहयोगी दलों के नेता भी इसमें शामिल हुए।

आगे की राजनीतिक दिशा

इस बैठक में गठबंधन की उपलब्धियों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं और राजनीतिक रोडमैप पर चर्चा होने की उम्मीद है। शासन से जुड़ी पहलों, विकास कार्यक्रमों और आगामी चुनावी चुनौतियों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श संभावित है। यह बैठक एनडीए के लिए अगले कार्यकाल की दिशा तय करने का एक अहम अवसर मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

399 दिनों का यह रिकॉर्ड निर्विवाद रूप से एक संवैधानिक तथ्य है, परंतु इसकी व्याख्या राजनीतिक दृष्टिकोण पर निर्भर करती है — समर्थकों के लिए यह स्थिरता और जनादेश की निरंतरता का प्रमाण है, आलोचकों के लिए यह उन अधूरे वादों की याद दिलाता है जो तीन कार्यकालों में पूरे नहीं हुए। गौरतलब है कि नेहरू के 1947–52 के अंतरिम कार्यकाल को इस तुलना से बाहर रखना एक चुनिंदा मानदंड है, जिस पर इतिहासकारों में मतभेद हैं। असली कसौटी यह नहीं कि कितने दिन बीते, बल्कि यह है कि उन दिनों में नागरिकों के जीवन में कितना मापनीय बदलाव आया।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने कौन-सा रिकॉर्ड तोड़ा और कब?
PM नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ा। इससे वे भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए।
नेहरू के कार्यकाल की तुलना में किस अवधि को आधार माना गया?
इस तुलना के लिए नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल को आधार माना गया है। 1947 से 1952 के बीच उन्होंने पहले आम चुनाव से पहले अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया था, इसलिए उस अवधि को इस रिकॉर्ड की गणना में शामिल नहीं किया गया।
इंदिरा गांधी का कार्यकाल मोदी से लंबा था, फिर यह रिकॉर्ड कैसे?
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुल 14 वर्ष से अधिक समय तक पद संभाला, परंतु उनका कार्यकाल लगातार नहीं था — बीच में अंतराल आया था। मोदी का 2014 से अब तक का कार्यकाल बिना किसी रुकावट के जारी रहा है, इसलिए वे 'लगातार' सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में रिकॉर्ड धारक बने।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्या प्रस्ताव पारित किया?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर PM मोदी के नेतृत्व और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। बैठक में सभी कैबिनेट सदस्यों ने खड़े होकर तालियाँ बजाते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी।
भारत मंडपम में एनडीए की बैठक में क्या हुआ?
भारत मंडपम में आयोजित एनडीए बैठक में PM मोदी, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री शामिल हुए। बैठक में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया और भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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