PM मोदी बने सबसे लंबे कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री, 4,399 दिनों में नेहरू का रिकॉर्ड पीछे
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 4,399 दिनों की निरंतर प्रधानमंत्री सेवा के साथ उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने इस उपलब्धि को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
येदियुरप्पा की बधाई और एक्स पोस्ट
बी.एस. येदियुरप्पा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि मोदी ने 4,399 दिनों तक देश का नेतृत्व कर नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा है और आने वाले वर्षों में भी भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाते रहें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक विस्तृत पत्र भी जारी किया।
वैचारिक आंदोलन की 75 वर्षों की यात्रा
येदियुरप्पा ने अपने पत्र में इस उपलब्धि को केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उससे जुड़े वैचारिक आंदोलन की 75 वर्षों की यात्रा का परिणाम बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से शुरू हुआ राजनीतिक सफर आज एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुँचा है।
आर्थिक प्रगति और कल्याणकारी योजनाएँ
येदियुरप्पा ने मोदी सरकार के कार्यकाल में आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने निर्यात वृद्धि, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और कारोबारी माहौल में सुधार को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
पत्र में प्रधानमंत्री जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और उड़ान योजना का विशेष उल्लेख किया गया। येदियुरप्पा के अनुसार इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संवैधानिक फैसले और वैश्विक प्रतिष्ठा
येदियुरप्पा ने अनुच्छेद 370 को हटाने और अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को ऐतिहासिक संवैधानिक और सामाजिक घटनाएँ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न देशों द्वारा प्रदत्त सर्वोच्च नागरिक सम्मान, जी-20 की भारतीय अध्यक्षता, चंद्रयान-3 मिशन की सफलता और UPI के वैश्विक विस्तार ने विश्व मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ किया है।
आगे क्या
येदियुरप्पा ने अपने संदेश के अंत में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को देश को नई दिशा देने वाला राष्ट्रीय संकल्प बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत उस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह मील का पत्थर ऐसे समय में आया है जब भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपनी नीतियाँ निर्धारित कर रहा है।