मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर बनाया रिकॉर्ड, बोले — 'जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। 4,399 दिनों की निरंतर प्रधानमंत्री पद की सेवा के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा — 'जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है।'
क्या लिखा प्रधानमंत्री ने एक्स पर
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।' इसके साथ उन्होंने एक 'संस्कृति सुभाषितम्' भी साझा किया — 'सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः। विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते।'
इस संस्कृत श्लोक का भावार्थ है कि जो जनप्रतिनिधि सेवा को अपना धर्म मानकर जनहित में कार्य करता है, विनम्रता व संयम के साथ समाज की उन्नति के लिए समर्पित रहता है — वही वास्तव में जनविश्वास, यश और समृद्धि प्राप्त करता है।
रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि
यह मोदी का लगातार तीसरा प्रधानमंत्री कार्यकाल है। उन्होंने 2014 में पहली बार शपथ ली, 2019 में दूसरी बार जनादेश हासिल किया और 2024 में ऐतिहासिक रूप से लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला। इससे पहले, लगातार सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिनके कार्यकाल की गणना 1952 के पहले आम चुनाव से की जाती है — क्योंकि 1947 से 1952 के बीच वे अंतरिम सरकार के प्रमुख थे।
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कुल 14 वर्षों से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहीं, परंतु उनका कार्यकाल लगातार नहीं था — इसलिए 'निरंतर सेवा' की श्रेणी में मोदी का यह रिकॉर्ड अद्वितीय है।
ऐतिहासिक महत्व
स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का यह पहला अवसर है जब उसने बिना किसी रुकावट के 4,399 दिनों तक सत्ता में रहते हुए तीन पूर्ण जनादेश हासिल किए हों। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और सुदृढ़ कर रहा है।
देश-विदेश से बधाइयाँ
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी को देश-विदेश से बधाई और शुभकामनाएँ मिल रही हैं। राजनीतिक, सामाजिक और कूटनीतिक क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न वर्गों ने इस अवसर पर अपनी शुभेच्छाएँ व्यक्त की हैं।
आगे की राह
मोदी का वर्तमान कार्यकाल 2029 तक चलेगा। इस दौरान वे किस नीतिगत दिशा में देश को आगे ले जाते हैं, यह आने वाले वर्षों में उनकी इस ऐतिहासिक पारी की असली कसौटी होगी।