पीएम मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री, नेहरू के 4,399 दिनों का रिकॉर्ड टूटा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड पार कर लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधिकारियों ने बुधवार को इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक विशेष प्रस्ताव पारित कर उनका सम्मान किया।
पीएमओ और मंत्रिमंडल की प्रतिक्रिया
पीएमओ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले बारह वर्षों में 'स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन, समावेशी विकास और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ नेतृत्व किया है।' प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास ने इस अवसर पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी एक विशेष प्रस्ताव पारित किया, जिसमें इस उपलब्धि को 'भारत की लोकतांत्रिक चेतना, जनता के विश्वास और जनभागीदारी की शक्ति का प्रतीक' बताया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने खड़े होकर तालियाँ बजाकर प्रधानमंत्री को बधाई दी।
तीन जनादेशों की यात्रा
मोदी ने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में लगातार दूसरा जनादेश हासिल किया और 2024 में लगातार तीसरी बार — जो छह दशकों के बाद किसी सरकार को मिला ऐसा अभूतपूर्व जनादेश था। उनकी राजनीतिक यात्रा 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मूलमंत्र पर आधारित रही है।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि नेहरू का 4,399 दिनों का कार्यकाल दशकों तक अटूट रहा था। मोदी से पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने लगातार तीन कार्यकाल पूरे नहीं किए। आधिकारिक बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि मोदी सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्षों की सेवा के ऐतिहासिक पड़ाव के करीब पहुँच रहे हैं — यदि वे वर्तमान कार्यकाल पूरा करते हैं।
आगे क्या
यह मील का पत्थर ऐसे समय में आया है जब सरकार कई प्रमुख नीतिगत एजेंडों पर काम कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपलब्धि भाजपा के लिए चुनावी आख्यान में एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनेगी। मोदी की नेतृत्व शैली — जिसे आधिकारिक बयान में 'संवेदनशीलता, संयम, स्पष्ट इरादे और निर्णायक क्षमता' से परिभाषित किया गया — आने वाले समय में और अधिक परखी जाएगी।