पीएम मोदी ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड, सबसे लंबे कार्यकाल के निर्वाचित PM बने — गजेंद्र चौहान ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2025 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए, जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर अभिनेता गजेंद्र चौहान ने मुंबई से प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की।
रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि
चौहान के अनुसार, 9 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने नेहरू के कार्यकाल की बराबरी की और 10 जून को यह रिकॉर्ड उनके नाम हो गया। गौरतलब है कि मोदी मई 2014 से लगातार प्रधानमंत्री पद पर हैं और यह उनका तीसरा कार्यकाल है।
गजेंद्र चौहान के बयान की मुख्य बातें
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के अभूतपूर्व और समर्पित नेता हैं, जिनका पूरा ध्यान देश और देशवासियों के विकास पर केंद्रित रहता है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी ने कभी एक दिन की छुट्टी नहीं ली।
अभिनेता ने कहा, 'साल 2014 में मैंने 'मोदी' का अर्थ 'मैन ऑफ डेवलपिंग इंडिया' बताया था और प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों से इसे साबित भी किया है।' उन्होंने सड़क-हाईवे निर्माण, गंगा सफाई, रक्षा क्षेत्र के सशक्तीकरण और औद्योगिक विकास को मोदी सरकार की उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
कोविड-19 और वैश्विक चुनौतियाँ
चौहान ने कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश और दुनिया के लिए बेहद कठिन दौर था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला। उनके अनुसार भारत ने कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई, जिसके लिए वे देश आज भी भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
कार्यशैली और समर्पण
चौहान ने यह भी कहा कि दीपावली जैसे त्योहारों पर जब पूरा देश अपने परिवार के साथ होता है, प्रधानमंत्री मोदी सीमाओं पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाते हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत मोबाइल उत्पादन के क्षेत्र में आज दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल हो चुका है और 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा मोदी की समावेशी सोच का प्रतीक है।
आगे की राह
चौहान ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी प्रधानमंत्री मोदी इसी समर्पण के साथ देश की सेवा करते रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक और कूटनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।