10 जून को मोदी बनेंगे सबसे लंबे समय तक सेवारत PM, नेहरू का रिकॉर्ड टूटेगा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2025 को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्बाध सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जब वे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का ऐतिहासिक कार्यकाल-रिकॉर्ड पार कर लेंगे। नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर को राष्ट्रीय गर्व का क्षण बताते हुए मोदी के समर्पण और विकास कार्यों की सराहना की।
ऐतिहासिक उपलब्धि का संदर्भ
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'भारत की जनता ने नरेंद्र मोदी पर इतना भरोसा जताया है, जो एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और जिनका कोई राजनीतिक पारिवारिक इतिहास नहीं था। 10 जून को वे सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन जाएंगे और जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।' पूनावाला ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 9,000 दिनों में — चाहे मुख्यमंत्री के रूप में हो या प्रधानमंत्री के रूप में — मोदी ने एक दिन की भी अवकाश नहीं लिया।
BJP सांसदों और विधायकों की प्रतिक्रिया
BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने इसे देश के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताया। उन्होंने कहा, 'अब सवाल यह नहीं है कि वे कितने समय तक पद पर रहेंगे, बल्कि लक्ष्य 2047 तक भारत को विश्वगुरु और सबसे विकसित राष्ट्र बनाने का है।' मिश्रा के अनुसार, पूरा देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनके सपनों और संकल्पों को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है।
BJP विधायक राम कदम ने आर्थिक प्रगति का हवाला देते हुए कहा कि मई 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने देश की बागडोर संभाली, तब भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें स्थान पर थी, जो अब चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुकी है। उन्होंने बुनियादी ढाँचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि हर गाँव तक बिजली, सड़क, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की सुविधा पहुँचाई गई है।
विकास के दावे: मुख्य बिंदु
कदम ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। गौरतलब है कि ये आँकड़े और दावे BJP नेताओं के बयानों पर आधारित हैं; स्वतंत्र विश्लेषकों और विपक्षी दलों की इन पर अलग राय भी सार्वजनिक रूप से दर्ज है।
आगे क्या
10 जून 2025 को इस ऐतिहासिक पड़ाव को लेकर BJP की ओर से विशेष कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। यह मील का पत्थर ऐसे समय में आया है जब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में नीतिगत एजेंडा तेज़ कर रही है।