मोदी बने भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले PM, संत समाज ने कहा — इतिहास में स्वर्णिम अध्याय
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री बनने पर 10 जून 2026 को देशभर के संत समाज ने हर्ष व्यक्त किया और इसे एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। संतों का मत है कि मोदी की कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण उन्हें स्वतंत्र भारत के अन्य प्रधानमंत्रियों से अलग श्रेणी में रखता है।
संतों की प्रतिक्रिया: 'नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ना बड़ी उपलब्धि'
महाराष्ट्र के नासिक स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के उत्तराधिकारी संजय दास महाराज ने कहा, 'यह एक बहुत महत्वपूर्ण बात है और इतिहास के पन्नों में यह दर्ज होगा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा है। आजादी के बाद देश में कई प्रधानमंत्री हुए, लेकिन पीएम मोदी की कीर्ति, व्यक्तित्व और नेतृत्व अद्वितीय है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में मोदी की प्रशंसा हो रही है और पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन हो रहा है।
अयोध्या के संतों ने गिनाईं उपलब्धियाँ
अयोध्या में सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि देश को ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो पहले कभी नहीं मिले थे। उनके अनुसार, 'चाहे कश्मीर का मामला हो, राम जन्मभूमि का विषय हो या भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कदम — उन्होंने हर क्षेत्र में निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया है। उनके लिए देश ही परिवार है।' त्रिपाठी ने मोदी की दीर्घायु की कामना करते हुए यह भी जोड़ा कि आगे भी ऐसे प्रधानमंत्री मिलने की संभावना बहुत कम है।
अयोध्या स्थित कोठारी अश्वस्थ संत सेवा ट्रस्ट आश्रम के राम कुमार दास ने मोदी के कार्यकाल को 'स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य' बताया। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी कॉरिडोर का विकास, आर्टिकल 370 को हटाने का निर्णय, कश्मीर में पुनर्वास के प्रयास, 'मन की बात' के माध्यम से जनता से सीधे संवाद और पुलवामा हमले के बाद की गई कार्रवाई को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ी साख
राम कुमार दास ने यह भी कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत के प्रधानमंत्री को वैश्विक मंचों पर उतना महत्व नहीं दिया जाता था, लेकिन आज जब मोदी बोलते हैं तो दुनिया ध्यानपूर्वक सुनती है। उनके अनुसार केवल किसी एक देश की सरकार नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लोग भारत के प्रधानमंत्री को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्होंने लगातार 16 वर्षों तक इस पद पर सेवा की थी। मोदी ने मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला था और तब से लगातार तीन कार्यकालों में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। यह मील का पत्थर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
आगे की राह
संत समाज की इस प्रतिक्रिया ने सामाजिक और धार्मिक वर्ग में मोदी के प्रति जनसमर्थन को एक बार फिर रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समर्थन आने वाले समय में भी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।