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मोदी बने भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले PM, संत समाज ने कहा — इतिहास में स्वर्णिम अध्याय

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मोदी बने भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले PM, संत समाज ने कहा — इतिहास में स्वर्णिम अध्याय

सारांश

मोदी के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बनने पर देशभर के संत समाज ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। नासिक से अयोध्या तक संतों ने नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने, राम मंदिर निर्माण और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ी साख को मोदी के स्वर्णिम कार्यकाल की पहचान बताया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री बन गए हैं, पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा।
नासिक के संत संजय दास महाराज ने इसे 'इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली उपलब्धि' बताया।
अयोध्या के मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कश्मीर, राम जन्मभूमि और भ्रष्टाचार-विरोधी कदमों को मोदी की विशेष उपलब्धियाँ गिनाया।
संत राम कुमार दास ने राम मंदिर निर्माण , काशी कॉरिडोर , आर्टिकल 370 हटाने और पुलवामा के बाद की कार्रवाई को प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
संतों ने वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ी प्रतिष्ठा को मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री बनने पर 10 जून 2026 को देशभर के संत समाज ने हर्ष व्यक्त किया और इसे एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। संतों का मत है कि मोदी की कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण उन्हें स्वतंत्र भारत के अन्य प्रधानमंत्रियों से अलग श्रेणी में रखता है।

संतों की प्रतिक्रिया: 'नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ना बड़ी उपलब्धि'

महाराष्ट्र के नासिक स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के उत्तराधिकारी संजय दास महाराज ने कहा, 'यह एक बहुत महत्वपूर्ण बात है और इतिहास के पन्नों में यह दर्ज होगा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा है। आजादी के बाद देश में कई प्रधानमंत्री हुए, लेकिन पीएम मोदी की कीर्ति, व्यक्तित्व और नेतृत्व अद्वितीय है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम किया है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में मोदी की प्रशंसा हो रही है और पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन हो रहा है।

अयोध्या के संतों ने गिनाईं उपलब्धियाँ

अयोध्या में सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि देश को ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं जो पहले कभी नहीं मिले थे। उनके अनुसार, 'चाहे कश्मीर का मामला हो, राम जन्मभूमि का विषय हो या भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कदम — उन्होंने हर क्षेत्र में निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया है। उनके लिए देश ही परिवार है।' त्रिपाठी ने मोदी की दीर्घायु की कामना करते हुए यह भी जोड़ा कि आगे भी ऐसे प्रधानमंत्री मिलने की संभावना बहुत कम है।

अयोध्या स्थित कोठारी अश्वस्थ संत सेवा ट्रस्ट आश्रम के राम कुमार दास ने मोदी के कार्यकाल को 'स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य' बताया। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी कॉरिडोर का विकास, आर्टिकल 370 को हटाने का निर्णय, कश्मीर में पुनर्वास के प्रयास, 'मन की बात' के माध्यम से जनता से सीधे संवाद और पुलवामा हमले के बाद की गई कार्रवाई को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ी साख

राम कुमार दास ने यह भी कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत के प्रधानमंत्री को वैश्विक मंचों पर उतना महत्व नहीं दिया जाता था, लेकिन आज जब मोदी बोलते हैं तो दुनिया ध्यानपूर्वक सुनती है। उनके अनुसार केवल किसी एक देश की सरकार नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लोग भारत के प्रधानमंत्री को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्होंने लगातार 16 वर्षों तक इस पद पर सेवा की थी। मोदी ने मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला था और तब से लगातार तीन कार्यकालों में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। यह मील का पत्थर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।

आगे की राह

संत समाज की इस प्रतिक्रिया ने सामाजिक और धार्मिक वर्ग में मोदी के प्रति जनसमर्थन को एक बार फिर रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समर्थन आने वाले समय में भी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि धार्मिक नेताओं का समर्थन BJP की व्यापक सामाजिक गठबंधन रणनीति का हिस्सा रहा है। हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि ये प्रतिक्रियाएँ एकांगी हैं — विपक्ष और नागरिक समाज के एक वर्ग का मत इससे भिन्न है, जो शासन के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाता रहा है। नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ना निश्चित रूप से एक संख्यात्मक तथ्य है, लेकिन कार्यकाल की लंबाई और शासन की गुणवत्ता का मूल्यांकन अलग-अलग कसौटियों पर होता है। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः यह नहीं पूछती कि इन उपलब्धियों का ज़मीनी असर कितना मापनीय और टिकाऊ है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने किसका रिकॉर्ड तोड़ा और कब?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ा। मोदी मई 2014 से लगातार तीन कार्यकालों में प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं।
संत समाज ने मोदी के कार्यकाल की कौन-सी उपलब्धियाँ गिनाईं?
संतों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी कॉरिडोर का विकास, आर्टिकल 370 हटाना, कश्मीर में पुनर्वास प्रयास, पुलवामा के बाद की कार्रवाई और 'मन की बात' के ज़रिए जनसंवाद को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया।
किन संतों ने प्रतिक्रिया दी और वे कहाँ से हैं?
नासिक के सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के संजय दास महाराज, अयोध्या के सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी और कोठारी अश्वस्थ संत सेवा ट्रस्ट आश्रम के राम कुमार दास ने प्रतिक्रियाएँ दीं। ये तीनों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों से जुड़े हैं।
मोदी के कार्यकाल को 'स्वर्णिम' क्यों बताया जा रहा है?
संत राम कुमार दास के अनुसार मोदी की कार्यशैली पूर्व प्रधानमंत्रियों से अलग रही है और वैश्विक मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उनका कहना है कि यह कार्यकाल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा।
पंडित नेहरू कितने समय तक प्रधानमंत्री रहे थे?
पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्होंने लगातार लगभग 16 वर्षों तक यह पद संभाला था। मोदी ने यह रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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