26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोदी के सबसे लंबे PM कार्यकाल पर अयोध्या के संतों ने दी बधाई, बोले- 'हर क्षेत्र में हुआ विकास'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोदी के सबसे लंबे PM कार्यकाल पर अयोध्या के संतों ने दी बधाई, बोले- 'हर क्षेत्र में हुआ विकास'

सारांश

भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बनने पर अयोध्या के साधु-संतों ने मोदी को अभिनंदन दिया। हनुमानगढ़ी महंत से लेकर जैन पीठाधीश्वर तक — सभी ने 12 वर्षों के शासन, वैश्विक कूटनीति और 'सबका साथ-सबका विकास' की नीति को ऐतिहासिक बताया।

मुख्य बातें

10 जून 2026 को अयोध्या के साधु-संतों ने PM नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने मोदी की देश-सेवा, सनातन संस्कृति के प्रति निष्ठा और 'सबका साथ-सबका विकास' की नीति की सराहना की।
अयोध्या जैन मंदिर पीठाधीश्वर ने 50-60 वर्षों के अनुभव के आधार पर मोदी के 12 वर्षीय नेतृत्व को 'शानदार' बताया।
आर्य संत वरुण दास महाराज ने कोविड-19 संकट से देश को उबारने और वैश्विक कूटनीति में मोदी की भूमिका को रेखांकित किया।
महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि मोदी ने भारत को तीसरी या चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कार्य किया है।

अयोध्या के प्रमुख साधु-संतों ने 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने पर अभिनंदन दिया। संतों ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित किया है। 'सबका साथ-सबका विकास' की नीति को उन्होंने मोदी शासन की मूल पहचान बताया।

हनुमानगढ़ी के महंत ने क्या कहा

सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा, 'यह खुशी की बात है कि भारत के सभी प्रधानमंत्रियों में पीएम नरेंद्र मोदी का कार्यकाल सबसे लंबा रहा है। इनका सबसे बड़ा योगदान देश के प्रति उनका समर्पण, देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता और सनातन संस्कृति के प्रति उनकी निष्ठा, प्रतिबद्धता और प्रेम है।' उन्होंने आगे कहा कि 'सबका साथ-सबका विकास' का संकल्प यही सुनिश्चित करता है कि देश के विकास में किसी भी नागरिक का योगदान अछूता न रहे।

जैन मंदिर पीठाधीश्वर की प्रतिक्रिया

अयोध्या के जैन मंदिर पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के पिछले 50-60 वर्षों में कई राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को देश का नेतृत्व करते देखा है। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को जो नेतृत्व मिला है, वह वाकई शानदार रहा है।' उनके अनुसार मोदी ने जो भी निर्णय स्वयं या कैबिनेट के माध्यम से लिए हैं, वे सभी भारत के हित में रहे हैं और समाज के किसी भी वर्ग को नुकसान नहीं पहुँचाते।

वैश्विक कूटनीति और कोरोना संकट का उल्लेख

आर्य संत वरुण दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वभर की यात्राएँ कर भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सुदृढ़ किया है। उन्होंने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आपातकाल से भी मोदी देश को सफलतापूर्वक निकाल लाए। उन्होंने कहा, 'इतने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने के लिए इनको हमारी मंगलकामनाएं हैं।'

विश्व मंच पर भारत की स्थापना

महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यकाल 'असाधारण, दिव्य और बेमिसाल' है। उनके अनुसार मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है, भारतीय संस्कृति का सम्मान बढ़ाया है और देश को दुनिया की तीसरी या चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कार्य किया है। गौरतलब है कि यह प्रतिक्रियाएँ ऐसे समय में आई हैं जब मोदी के कार्यकाल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों के सभी कार्यकालों को पीछे छोड़ दिया है।

अयोध्या के धार्मिक जगत से आई यह सामूहिक प्रतिक्रिया आने वाले समय में मोदी सरकार की नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संकेत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या और भाजपा के बीच का संबंध और गहरा हुआ है। हालाँकि संतों के वक्तव्य भावनात्मक और आस्था-आधारित हैं, वे सरकार की नीतियों का कोई स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं करते। 'तीसरी-चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था' जैसे दावे अभी भी अनुमान-आधारित हैं और आधिकारिक IMF डेटा पर निर्भर करते हैं। यह कवरेज धार्मिक समर्थन को समाचार के रूप में प्रस्तुत करने की उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जो सत्ता और आस्था के बीच की रेखा को धुंधला करती है — पाठकों को इसे उसी संदर्भ में पढ़ना चाहिए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM नरेंद्र मोदी का सबसे लंबा कार्यकाल कब पूरा हुआ?
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड बनाया। वे 2014 से लगातार इस पद पर हैं।
अयोध्या के संतों ने मोदी के कार्यकाल की क्या सराहना की?
अयोध्या के साधु-संतों ने मोदी के नेतृत्व में सर्वांगीण विकास, वैश्विक कूटनीति, कोविड संकट से उबरने और 'सबका साथ-सबका विकास' की नीति की विशेष प्रशंसा की। हनुमानगढ़ी महंत ने सनातन संस्कृति के प्रति मोदी की निष्ठा को उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने क्या कहा?
महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि मोदी का सबसे लंबा कार्यकाल उनके देश के प्रति समर्पण, प्रतिबद्धता और सनातन संस्कृति के प्रति प्रेम का परिणाम है। उन्होंने 'सबका साथ-सबका विकास' को मोदी के शासन की मूल भावना बताया।
मोदी के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर संतों ने क्या कहा?
महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी या चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया है। हालाँकि यह दावा अनुमान-आधारित है और आधिकारिक आँकड़ों पर निर्भर करता है।
क्या मोदी के कार्यकाल में कोविड संकट का भी उल्लेख हुआ?
हाँ, आर्य संत वरुण दास महाराज ने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आपातकाल से भी मोदी देश को सफलतापूर्वक निकाल लाए। उन्होंने मोदी की वैश्विक यात्राओं और कूटनीतिक प्रयासों की भी सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले