मोदी के सबसे लंबे PM कार्यकाल पर अयोध्या के संतों ने दी बधाई, बोले- 'हर क्षेत्र में हुआ विकास'
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के प्रमुख साधु-संतों ने 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने पर अभिनंदन दिया। संतों ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित किया है। 'सबका साथ-सबका विकास' की नीति को उन्होंने मोदी शासन की मूल पहचान बताया।
हनुमानगढ़ी के महंत ने क्या कहा
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा, 'यह खुशी की बात है कि भारत के सभी प्रधानमंत्रियों में पीएम नरेंद्र मोदी का कार्यकाल सबसे लंबा रहा है। इनका सबसे बड़ा योगदान देश के प्रति उनका समर्पण, देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता और सनातन संस्कृति के प्रति उनकी निष्ठा, प्रतिबद्धता और प्रेम है।' उन्होंने आगे कहा कि 'सबका साथ-सबका विकास' का संकल्प यही सुनिश्चित करता है कि देश के विकास में किसी भी नागरिक का योगदान अछूता न रहे।
जैन मंदिर पीठाधीश्वर की प्रतिक्रिया
अयोध्या के जैन मंदिर पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के पिछले 50-60 वर्षों में कई राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को देश का नेतृत्व करते देखा है। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को जो नेतृत्व मिला है, वह वाकई शानदार रहा है।' उनके अनुसार मोदी ने जो भी निर्णय स्वयं या कैबिनेट के माध्यम से लिए हैं, वे सभी भारत के हित में रहे हैं और समाज के किसी भी वर्ग को नुकसान नहीं पहुँचाते।
वैश्विक कूटनीति और कोरोना संकट का उल्लेख
आर्य संत वरुण दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वभर की यात्राएँ कर भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सुदृढ़ किया है। उन्होंने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आपातकाल से भी मोदी देश को सफलतापूर्वक निकाल लाए। उन्होंने कहा, 'इतने लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने के लिए इनको हमारी मंगलकामनाएं हैं।'
विश्व मंच पर भारत की स्थापना
महंत सीताराम दास जी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यकाल 'असाधारण, दिव्य और बेमिसाल' है। उनके अनुसार मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है, भारतीय संस्कृति का सम्मान बढ़ाया है और देश को दुनिया की तीसरी या चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कार्य किया है। गौरतलब है कि यह प्रतिक्रियाएँ ऐसे समय में आई हैं जब मोदी के कार्यकाल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों के सभी कार्यकालों को पीछे छोड़ दिया है।
अयोध्या के धार्मिक जगत से आई यह सामूहिक प्रतिक्रिया आने वाले समय में मोदी सरकार की नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संकेत मानी जा रही है।