मोदी के सबसे लंबे PM कार्यकाल पर मनोज झा का तंज: 'गहराई देखिए, लंबाई नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। झा ने कहा कि कार्यकाल की लंबाई नहीं, बल्कि शासन की गहराई मायने रखती है — और इस कसौटी पर उन्होंने मोदी के कार्यकाल को नेहरू के मुकाबले कमतर ठहराया।
मनोज झा की मुख्य टिप्पणी
मीडिया से बातचीत में मनोज झा ने कहा, 'कार्यकाल की लंबाई मायने नहीं रखती; शासन की गहराई मायने रखती है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि नेहरू ने हर व्यक्ति के जीवन को छुआ, जबकि पीएम मोदी ने लोगों को सिर्फ परेशान किया। झा ने यह भी बताया कि उन्होंने इस विषय पर एक विस्तृत लेख लिखा है और उनका आग्रह है कि 'गहराई और विस्तार को देखिए।'
राबड़ी देवी और लालू की सुरक्षा हटाने पर सवाल
झा ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव की Z-Plus सुरक्षा हटाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खतरे का आकलन करने का एक तरीका होता है और समय-समय पर इसकी समीक्षा होती है। उनका तर्क था कि जिन लोगों ने अपने पदों पर ऐसे फैसले लिए जिनसे खतरा पैदा हो सकता था, उनकी सुरक्षा हटाना उचित नहीं है — जबकि बिना किसी स्पष्ट खतरे वाले लोगों को 50 सुरक्षाकर्मी मिले हुए हैं।
बिहार मंत्री पर टिप्पणी को लेकर संयम की अपील
बिहार सरकार के मंत्री निशांत कुमार के बारे में राजद नेताओं की टिप्पणियों पर झा ने संयम बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी की योग्यता या शारीरिक बनावट पर ध्यान देने के बजाय यह देखना चाहिए कि हम अपनी जिम्मेदारियाँ कितनी अच्छी तरह निभा रहे हैं।
अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मोदी को 12 साल पूरे करने और जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने पर बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता से किए गए वादे भी पूरे करने चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मोदी ने अपने पहले दो कार्यकाल में साधारण बहुमत हासिल किया था और अब वे NDA गठबंधन के समर्थन से तीसरे कार्यकाल में सरकार चला रहे हैं।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश को मजबूत संस्थाएँ देकर एक ठोस नींव रखी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें नीचा दिखाकर नकारात्मक माहौल बना रही है। उन्होंने सकारात्मक सोच और सर्वधर्म समभाव के साथ देश को आगे ले जाने की जरूरत बताई।
यह ऐसे समय में आया है जब मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और विपक्ष नेहरू की विरासत की तुलना को केंद्र में रख रहा है।