PM मोदी बने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित PM, भाजपा नेताओं ने बताया लोकतंत्र का ऐतिहासिक क्षण
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का कीर्तिमान स्थापित कर लिया। इस उपलब्धि पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने बधाई देते हुए मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने नई पहचान, नई दिशा और नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी को दीर्घायु, शक्ति और सामर्थ्य मिले ताकि वे 'विकसित भारत' के संकल्प को पूर्ण कर सकें।
भाजपा विधायक अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि मोदी के निर्वाचित कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों और देशभर के लाखों मंदिरों में करोड़ों लोगों ने प्रधानमंत्री की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।
नेहरू के कार्यकाल पर त्रिवेदी का तर्क
कांग्रेस के बयानों का प्रतिवाद करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ नहीं ली थी। उनके अनुसार, 2 सितंबर 1946 को कैबिनेट मिशन योजना के तहत लॉर्ड वावेल ने नेहरू को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया था और उसी दौरान उन्होंने शपथ ग्रहण की थी।
अन्य क्षेत्रों से सराहना
बिहार मदरसा बोर्ड के सदस्य प्रोफेसर डॉ. खुर्शीद अनवर अरमान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास रच दिया है और भारत को ऐसे मुकाम तक पहुँचाया है जहाँ पहले कोई नहीं पहुँच पाया था। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव लगातार बढ़ा है।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने कार्यों के बल पर जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने जोड़ा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता उनकी कार्यशैली से प्रेरणा लेता है और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँच रहा है।
आगे क्या
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब 2029 के आम चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक विमर्श तेज हो रहा है। गौरतलब है कि मोदी के निर्वाचित कार्यकाल की यह मील का पत्थर भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है, जिसे पार्टी आगामी चुनावी रणनीति में भुनाने की कोशिश कर सकती है।