PM मोदी ने 12 साल पूरे कर नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा, विश्व नेताओं ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया। केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 12 वर्ष पूरे करते हुए उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि पर अमेरिका से लेकर अफ्रीका तक, दुनिया भर के शीर्ष नेताओं ने मोदी को बधाई संदेश भेजे, जिसके जवाब में पीएम ने आभार व्यक्त करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड का संदर्भ
पंडित नेहरू का लगातार प्रधानमंत्री कार्यकाल 1952 के आम चुनाव से गिना जाता है, क्योंकि 1947 से 1952 तक वे अंतरिम सरकार के प्रमुख थे। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुल 14 वर्ष से अधिक समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा दी, परंतु उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। इसी कारण 'लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री' की श्रेणी में यह रिकॉर्ड अब नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज हो गया है।
यूएई और सेशेल्स से मिली शुभकामनाएँ
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद एल नाहयान ने बुधवार को मोदी को बधाई देते हुए उनके दूरदर्शी नेतृत्व को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया। इस पर पीएम मोदी ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आपके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत-यूएई कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप नई ऊंचाइयों पर पहुंची है। मैं हमारी दोस्ती को बहुत महत्व देता हूं और दोनों देशों के पारस्परिक फायदे के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।' सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को धन्यवाद देते हुए मोदी ने भारत को 'समुद्री पड़ोसी और विश्वसनीय साझेदार' बताते हुए दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मज़बूत करने की बात कही।
अमेरिका, जर्मनी और इटली के नेताओं से संवाद
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं दोनों देशों और दुनिया के हित के लिए भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने की उम्मीद करता हूं।' जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बधाई संदेश के जवाब में मोदी ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को उत्तर देते हुए उन्होंने कहा, 'मैं हमारी भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी में बनी गति को आगे बढ़ाने की उम्मीद करता हूं, जिससे दोनों देशों और लोगों को फायदा होगा।'
कूटनीतिक संदेश और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति को नई धार दे रहा है। विश्व नेताओं की बधाइयों के साथ आई द्विपक्षीय प्रतिबद्धताएँ संकेत देती हैं कि मोदी के इस कार्यकाल में भारत की विदेश नीति को और व्यापक आधार मिल सकता है। आने वाले महीनों में इन संबंधों को ठोस रूप देने के लिए उच्चस्तरीय बैठकों और समझौतों की संभावना बनी हुई है।