24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोदी ने पूरे किए 4,399 दिन: नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा, उपराष्ट्रपति-वित्त मंत्री ने दी बधाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोदी ने पूरे किए 4,399 दिन: नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा, उपराष्ट्रपति-वित्त मंत्री ने दी बधाई

सारांश

10 जून 2026 को नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों की निरंतर सेवा के साथ नेहरू का छह दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ा और भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बने। उपराष्ट्रपति, वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री ने एक्स पर बधाई देते हुए उनके कार्यकाल की उपलब्धियाँ गिनाईं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को 4,399 दिनों की लगातार सेवा पूरी कर भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड बनाया।
उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को एक दिन के अंतर से पीछे छोड़ा।
राधाकृष्णन ने मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का उल्लेख किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'अंत्योदय' और 'सबका साथ, सबका विकास' को इस कार्यकाल की केंद्रीय भावना बताया।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार की पहलों का लाभ किसानों, महिलाओं, एमएसएमई और युवाओं तक जमीनी स्तर पर पहुँचा।
तीनों नेताओं ने 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य में मोदी की दूरदर्शिता की भूमिका को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा किया। 4,399 दिनों की निरंतर सेवा के साथ उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस मील के पत्थर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बधाई संदेश जारी किए।

उपराष्ट्रपति की बधाई: 'परिवर्तनकारी युग का प्रतिबिंब'

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा कि यह उपलब्धि 'केवल लंबे कार्यकाल का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय यात्रा में एक परिवर्तनकारी युग का प्रतिबिंब है।' उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना विस्तार, सामाजिक सशक्तीकरण और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

राधाकृष्णन ने आगे कहा कि इतिहास मोदी को 25 करोड़ से अधिक लोगों को अत्यंत गरीबी से बाहर निकालने और करोड़ों परिवारों में आशा, अवसर तथा सम्मान बहाल करने के लिए याद करेगा। उन्होंने महान तमिल संत कनियन पूंगुंद्रनार के वचन 'यादुम ऊरे, यावरुम केलिर' का संदर्भ देते हुए संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री के 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के उद्घोष की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने काशी तमिल संगमम, सौराष्ट्र तमिल संगमम, नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना, गंगैकोंड चोलपुरम की यात्रा और विदेशों से अमूल्य कलाकृतियों की स्वदेश वापसी को सांस्कृतिक विरासत के पुनरुद्धार के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया।

वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया: 'अंत्योदय' केंद्र में

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक्स पर लिखा कि पिछले 4,399 दिनों में प्रधानमंत्री ने देश के सामने आए कई कठिन दौरों में निर्णायक और मजबूत नेतृत्व दिया। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के सिद्धांत को इस कार्यकाल की मूल भावना बताया और कहा कि इसने विकास का लाभ देश के दूरदराज के नागरिकों तक पहुँचाया।

सीतारमण ने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने 'अभूतपूर्व गति और पैमाने' पर बड़े सुधार लागू किए, जिसके परिणामस्वरूप मोदी को बार-बार जनादेश मिलता रहा। उन्होंने इसे 'विकसित भारत' की दिशा में एक ऐतिहासिक पड़ाव करार दिया।

वाणिज्य मंत्री गोयल: '4,399 दिन और गिनती जारी'

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा, '4,399 दिन और गिनती जारी है... आज का दिन ऐतिहासिक है।' उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी के नेतृत्व में ऐसे परिवर्तनकारी सुधार हुए जिन्होंने भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दी।

गोयल ने किसानों, उद्यमियों, महिलाओं, एमएसएमई, युवाओं और मध्यम वर्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की हर बड़ी पहल का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँचा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक मंच पर कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं और 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने की यात्रा में उनकी दूरदर्शिता की भूमिका अहम बनी हुई है।

ऐतिहासिक संदर्भ: नेहरू के बाद सबसे लंबा कार्यकाल

गौरतलब है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1947 से 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की थी और उनका यह रिकॉर्ड छह दशकों से अधिक समय तक अटूट रहा। मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से लगातार इस पद पर बने हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में देश की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका राजनीतिक महत्व उससे कहीं अधिक है — यह भारतीय मतदाता की उस प्रवृत्ति को रेखांकित करता है जिसने तीन बार एक ही नेतृत्व को जनादेश दिया। हालाँकि, सरकारी बधाई संदेशों में उपलब्धियों की जो फेहरिस्त है, उसमें रोज़गार के आँकड़े, मुद्रास्फीति का दबाव और संघीय ढाँचे पर उठे सवाल जैसे पहलू अनुपस्थित हैं। '25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने' का दावा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आँकड़ों पर आधारित है, जिनकी मापन-पद्धति पर स्वतंत्र अर्थशास्त्री प्रश्न उठाते रहे हैं। यह क्षण इतिहास में दर्ज होगा, पर इसका मूल्यांकन केवल कार्यकाल की लंबाई से नहीं, बल्कि उन वादों की पूर्ति की कसौटी पर भी होगा जो हर चुनाव में दोहराए गए।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा और कब?
10 जून 2026 को नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों की निरंतर सेवा पूरी कर पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़ा और भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मोदी की किन उपलब्धियों का उल्लेख किया?
उपराष्ट्रपति ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने, सांस्कृतिक विरासत के पुनरुद्धार — जैसे काशी तमिल संगमम, सेंगोल की स्थापना और विदेशों से कलाकृतियों की वापसी — तथा वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी के कार्यकाल को किस दृष्टि से देखा?
सीतारमण ने 'अंत्योदय' और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' को इस कार्यकाल की केंद्रीय भावना बताया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने अभूतपूर्व गति और पैमाने पर साहसी सुधार लागू किए, जिसके चलते मोदी को बार-बार जनादेश मिला।
पीयूष गोयल ने इस अवसर पर क्या कहा?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा कि 12 वर्षों में मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, एमएसएमई और युवाओं तक सरकारी पहलों का लाभ जमीनी स्तर पर पहुँचा है और वैश्विक मंच पर भारत का मान बढ़ा है।
नेहरू का यह रिकॉर्ड कितने समय तक अटूट रहा था?
पंडित जवाहरलाल नेहरू 1947 से 1964 तक लगातार प्रधानमंत्री रहे और उनका 4,398 दिनों का यह रिकॉर्ड छह दशकों से अधिक समय तक अटूट था, जब तक 10 जून 2026 को नरेंद्र मोदी ने इसे पार नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले