मोदी सरकार के 12 साल पूरे: नेहरू का रिकॉर्ड टूटा, मंत्रियों ने गिनाईं ₹3 लाख करोड़ जन धन से 164 वंदे भारत तक की उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2026 को आज़ाद भारत के सबसे लंबे निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया — पंडित जवाहरलाल नेहरू का दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए। 26 मई 2014 को पहली बार शपथ लेने के बाद आज उनके कार्यकाल के 4,398 दिन पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों ने मंगलवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा करते हुए 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ रेखांकित कीं।
12 वर्षों का सफर: प्रमुख आँकड़े
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक इन्फोग्राफिक साझा करते हुए बताया कि प्रतिमाह 81 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक घरों को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि देश में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं।
गोयल ने कहा, "गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक, किसान कल्याण से लेकर युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने तक, आधुनिक बुनियादी ढाँचे से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, सेवा के इन 12 वर्षों ने हर क्षेत्र में परिवर्तन, प्रगति और आत्मविश्वास की नई कहानी लिखी है।"
वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री जन धन योजना का हवाला देते हुए बताया कि इसके तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं और उनमें जमा राशि लगभग ₹3 लाख करोड़ तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार का मूल मंत्र 'जन सेवा से जन शक्ति' रहा है।
गोयल के अनुसार, महिलाओं के लिए 32 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं और 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को 1.15 करोड़ से अधिक सूक्ष्म ऋणों के माध्यम से ₹18,600 करोड़ से अधिक वितरित किए गए हैं।
बुनियादी ढाँचे में बदलाव
देश के 26 शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 1,100 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। वर्तमान में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, और हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई है — यह संख्या दोगुनी से भी अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया और 'विकसित भारत' का विजन
उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का विश्वास ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और यही 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की प्रेरणा है। उन्होंने डिजिटल क्रांति, किसान कल्याण और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती पहचान को इस दौर की विशेषता बताया।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री मोदी को ऐसा नेता बताया जो सत्ता को विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं। पुरी ने कहा, "हर पल देश के लिए है, हर प्रयास देश के लिए है और हर संकल्प भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए है।"
आगे की राह
गौरतलब है कि 9 जून 2024 को एनडीए के तीसरे कार्यकाल में शपथ लेने के साथ ही मोदी ने नेहरू के रिकॉर्ड को पार करने की दिशा में कदम बढ़ाया था, जो आज औपचारिक रूप से पूरा हुआ। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को लेकर सरकार की आगामी नीतियाँ और उनका क्रियान्वयन अब केंद्र में रहेगा, जिस पर विपक्ष और नागरिक समाज दोनों की नज़रें टिकी हैं।