नरेंद्र मोदी बने सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित PM, 4,399 दिनों में नेहरू का रिकॉर्ड ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रच दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 12 वर्ष पूरे करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह मील का पत्थर ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपने 12 वर्ष के शासन का जश्न मना रहा है।
रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि
इस तुलना में नेहरू के 1952 से शुरू हुए निर्वाचित कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि 1947 से 1952 के बीच — देश के पहले आम चुनाव से पूर्व — वे अंतरिम सरकार के प्रमुख थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कुल 14 वर्ष से अधिक समय तक पद पर रहीं, परंतु उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। इस कारण मोदी देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक अखंडित रूप से सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
मोदी ने मई 2014 में पहली बार शपथ ली, 2019 में लगातार दूसरी बार जनादेश प्राप्त किया और 2024 में ऐतिहासिक रूप से लगातार तीसरी बार सत्ता में आए — यह उपलब्धि स्वतंत्र भारत में अभूतपूर्व है।
प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियाँ
मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में कई बड़े राष्ट्र-निर्माण परियोजनाएँ पूरी हुईं। इनमें नया संसद भवन, सेंट्रल विस्टा का पुनर्विकास, कर्तव्य पथ, वंदे भारत ट्रेनें, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, INS विक्रांत, कश्मीर रेल लिंक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नमो भारत RRTS और गंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
NDA की ऐतिहासिक बैठक
नई दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार को NDA की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं, NDA-शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों तथा उप-मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ गठबंधन की सहयोगी पार्टियों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद थी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया जा सकता है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी जाएगी। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, BJP अध्यक्ष नितिन नबीन और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे।
राजनीतिक रोडमैप पर चर्चा
बैठक में गठबंधन की उपलब्धियों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं और राजनीतिक रोडमैप पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। शासन से जुड़ी पहलें, विकास कार्यक्रम और आगामी चुनावी चुनौतियों की तैयारी मुख्य चर्चा के केंद्र में रहने का अनुमान है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय करना NDA के लिए प्राथमिकता है।