26 जुलाई 2026
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मोदी ने नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ा, राघव चड्ढा बोले — 'तीन बार जनादेश असाधारण उपलब्धि'

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मोदी ने नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ा, राघव चड्ढा बोले — 'तीन बार जनादेश असाधारण उपलब्धि'

सारांश

10 जून को मोदी ने नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ा — भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने। राघव चड्ढा ने 98 करोड़ मतदाताओं वाले विविधतापूर्ण देश में तीन बार जनादेश को 'असाधारण उपलब्धि' बताया।

मुख्य बातें

10 जून 2026 को नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का लगातार कार्यकाल पूरा कर पंडित नेहरू के 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ा।
मोदी भारत के गणतंत्र इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट कर इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
मोदी को 2014 , 2019 और 2024 में लगातार तीन बार जनादेश मिला; 2014 और 2019 में 1984 के बाद पहली बार एकल दल को पूर्ण बहुमत।
भारत में लगभग 98 करोड़ मतदाता हैं — पूरे यूरोप की जनसंख्या से अधिक।

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 10 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दिन मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए गणतंत्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड का महत्व

चड्ढा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आज इतिहास रचा गया है। 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पद पर लगातार 4,399 दिन पूरे किए और हमारे गणतंत्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए।' उन्होंने इस उपलब्धि को केवल एक संख्यात्मक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारत की जटिल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रमाण बताया।

गौरतलब है कि भारत में लगभग 98 करोड़ मतदाता हैं — जो पूरे यूरोप की जनसंख्या से भी अधिक हैं। चड्ढा के अनुसार, यह आँकड़ा भारतीय चुनावी प्रक्रिया को संभवतः दुनिया की सबसे जटिल प्रक्रिया बनाता है।

विविधता के बीच जनादेश की असाधारणता

सांसद ने भारत की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश 140 करोड़ लोगों, 22 अनुसूचित भाषाओं, सैकड़ों बोलियों, अनेक धर्मों, जातियों और समुदायों का समागम है। उनके अनुसार, 'इन 140 करोड़ लोगों ने 2014, 2019 और 2024 में बार-बार इसी नेता को देश की बागडोर सौंपी है। इतने विशाल और विविधतापूर्ण देश का भरोसा एक बार जीतना भी बड़ी बात है — बिना किसी रुकावट के तीन बार जीतना असाधारण है।'

नेहरू और मोदी के कार्यकाल की तुलना

चड्ढा ने दोनों प्रधानमंत्रियों के राजनीतिक संदर्भ की तुलना भी की। उनके अनुसार, पंडित नेहरू को जनादेश गणतंत्र के शुरुआती दशकों में मिला था, जब एक पार्टी का स्पष्ट दबदबा था और विपक्ष युवा व बिखरा हुआ था। वहीं, नरेंद्र मोदी को जनादेश एक कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण लोकतांत्रिक परिदृश्य में मिला है — जहाँ गठबंधन की राजनीति, मज़बूत क्षेत्रीय दल और बहुदलीय कड़ी प्रतिस्पर्धा मौजूद है।

उन्होंने रेखांकित किया कि मोदी ने 2014 और 2019 में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया — 1984 के बाद पहली बार किसी एक दल को यह उपलब्धि मिली — और 2024 में एक विजयी गठबंधन का नेतृत्व किया।

मतदाताओं को नमन, मोदी को सैल्यूट

अपनी पोस्ट के अंत में राघव चड्ढा ने भारतीय मतदाताओं की 'समझदारी को नमन' किया और प्रधानमंत्री के 'देश के प्रति अथक समर्पण को सैल्यूट' किया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की नीतिगत दिशा पर राष्ट्रीय बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कार्यकाल की लंबाई शासन की गुणवत्ता का पर्याय नहीं है — असली कसौटी यह है कि इन 4,399 दिनों में संस्थागत स्वायत्तता, विपक्ष की भूमिका और जवाबदेही के तंत्र कितने मज़बूत हुए। रिकॉर्ड का उत्सव और शासन की समीक्षा — दोनों एक साथ ज़रूरी हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी ने कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा और कब?
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिन पद पर रहते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इस प्रकार वे भारत के गणतंत्र इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए।
राघव चड्ढा ने मोदी के रिकॉर्ड पर क्या कहा?
राघव चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट कर इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोगों और 22 अनुसूचित भाषाओं वाले विविधतापूर्ण देश में एक नेता को लगातार तीन बार जनादेश मिलना असाधारण उपलब्धि है।
नेहरू और मोदी के कार्यकाल में राजनीतिक अंतर क्या है?
चड्ढा के अनुसार, नेहरू को जनादेश गणतंत्र के शुरुआती दशकों में मिला जब कांग्रेस का एकल वर्चस्व था और विपक्ष कमज़ोर था। मोदी को जनादेश गठबंधन की राजनीति, मज़बूत क्षेत्रीय दलों और बहुदलीय प्रतिस्पर्धा के युग में मिला है, जिसे चड्ढा ने 'कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण लोकतंत्र' कहा।
मोदी को कितनी बार और कब-कब जनादेश मिला है?
मोदी को 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीन बार जनादेश मिला। 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया — 1984 के बाद पहली बार किसी एकल दल को यह उपलब्धि मिली। 2024 में मोदी ने एक विजयी गठबंधन का नेतृत्व किया।
भारत में कुल कितने मतदाता हैं और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में लगभग 98 करोड़ मतदाता हैं, जो पूरे यूरोप की जनसंख्या से भी अधिक हैं। चड्ढा ने इस आँकड़े का उल्लेख यह रेखांकित करने के लिए किया कि भारतीय चुनावी प्रक्रिया संभवतः दुनिया की सबसे जटिल है, और इस पैमाने पर बार-बार विश्वास जीतना असाधारण है।
राष्ट्र प्रेस
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