मोदी बने सबसे लंबे कार्यकाल के निर्वाचित PM, 4,399 दिन पूरे; संजीव गोयनका ने कहा — 'देश के लिए आशीर्वाद'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 10 जून 2026 को बतौर प्रधानमंत्री 4,399 दिन पूरे करते हुए भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का छह दशकों से भी पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक और著名 उद्योगपति संजीव गोयनका ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व को देश के लिए 'आशीर्वाद' बताया।
ऐतिहासिक उपलब्धि का संदर्भ
मोदी ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीन आम चुनावों में जीत दर्ज करते हुए बिना किसी रुकावट के यह कार्यकाल पूरा किया है। गौरतलब है कि नेहरू ने भी तीन कार्यकाल पूरे किए थे, लेकिन मोदी का यह निरंतर कार्यकाल उन्हें निर्वाचित प्रधानमंत्रियों की श्रेणी में शीर्ष पर रखता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
गोयनका ने एक्स पर क्या लिखा
गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को फिर से परिभाषित किया है। उन्होंने भारत के सोचने के पैमाने और दुनिया भर में भारत और भारतीयों को मिलने वाले सम्मान को फिर से परिभाषित किया है। उनका नेतृत्व देश के लिए एक आशीर्वाद रहा है। आज, वह 4,399 दिनों के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं और छह दशकों से भी ज्यादा समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़ दिया।'
नीति स्थिरता और व्यापारिक भरोसे पर ज़ोर
कॉर्पोरेट जगत में दशकों के अनुभव का हवाला देते हुए गोयनका ने नीतिगत निरंतरता को दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति की बुनियाद बताया। उन्होंने लिखा, 'कुछ ही नेताओं को इतना समय दिया जाता है, और इससे भी कम लोग इसे इतनी निरंतरता के साथ बदलाव लाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इन सालों में, पॉलिसी निरंतरता और लगातार अमल ने वह नींव बनाई है जिस पर स्थायी प्रगति बनी है।'
उन्होंने आगे कहा कि आधारभूत संरचना, डिजिटल परिवर्तन, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता पर सरकार के ध्यान ने उद्योग जगत में विश्वास को मजबूत किया है और भारतीय उद्यमियों को बड़े पैमाने पर सोचने के लिए प्रेरित किया है।
भारत के भविष्य पर आशावाद
गोयनका ने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा, 'सबसे अहम चैप्टर अभी लिखे जाने बाकी हैं, और जो नींव रखी गई है, उससे मुझे भारत के भविष्य और आगे आने वाले मौकों को लेकर सकारात्मकता मिली है।' उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति 'गहरा सम्मान' व्यक्त करते हुए एक 'मजबूत और ज्यादा खुशहाल भारत' बनाने की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह बधाई संदेश ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों से इस रिकॉर्ड पर प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।