26 जुलाई 2026
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मोदी बने सबसे लंबे कार्यकाल के निर्वाचित PM, 4,399 दिन पूरे; संजीव गोयनका ने कहा — 'देश के लिए आशीर्वाद'

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मोदी बने सबसे लंबे कार्यकाल के निर्वाचित PM, 4,399 दिन पूरे; संजीव गोयनका ने कहा — 'देश के लिए आशीर्वाद'

सारांश

4,399 दिन, तीन लगातार चुनावी जीतें और नेहरू का छह दशक पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त — मोदी अब निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में इतिहास के शीर्ष पर हैं। LSG मालिक संजीव गोयनका ने एक्स पर इसे देश के लिए 'आशीर्वाद' बताया और नीति स्थिरता को आर्थिक आत्मविश्वास की असली नींव कहा।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को 4,399 दिन पूरे कर भारत के सबसे लंबे कार्यकाल के निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया।
उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का छह दशकों से भी पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।
यह उपलब्धि 2014 , 2019 और 2024 में लगातार तीन चुनावी जीतों के बाद मिली।
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक संजीव गोयनका ने एक्स पर बधाई देते हुए मोदी के नेतृत्व को देश के लिए 'आशीर्वाद' बताया।
गोयनका ने आधारभूत संरचना , डिजिटल परिवर्तन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर सरकार के फोकस को व्यापारिक भरोसे की वजह बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 10 जून 2026 को बतौर प्रधानमंत्री 4,399 दिन पूरे करते हुए भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का छह दशकों से भी पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक और著名 उद्योगपति संजीव गोयनका ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व को देश के लिए 'आशीर्वाद' बताया।

ऐतिहासिक उपलब्धि का संदर्भ

मोदी ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीन आम चुनावों में जीत दर्ज करते हुए बिना किसी रुकावट के यह कार्यकाल पूरा किया है। गौरतलब है कि नेहरू ने भी तीन कार्यकाल पूरे किए थे, लेकिन मोदी का यह निरंतर कार्यकाल उन्हें निर्वाचित प्रधानमंत्रियों की श्रेणी में शीर्ष पर रखता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

गोयनका ने एक्स पर क्या लिखा

गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को फिर से परिभाषित किया है। उन्होंने भारत के सोचने के पैमाने और दुनिया भर में भारत और भारतीयों को मिलने वाले सम्मान को फिर से परिभाषित किया है। उनका नेतृत्व देश के लिए एक आशीर्वाद रहा है। आज, वह 4,399 दिनों के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं और छह दशकों से भी ज्यादा समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़ दिया।'

नीति स्थिरता और व्यापारिक भरोसे पर ज़ोर

कॉर्पोरेट जगत में दशकों के अनुभव का हवाला देते हुए गोयनका ने नीतिगत निरंतरता को दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति की बुनियाद बताया। उन्होंने लिखा, 'कुछ ही नेताओं को इतना समय दिया जाता है, और इससे भी कम लोग इसे इतनी निरंतरता के साथ बदलाव लाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इन सालों में, पॉलिसी निरंतरता और लगातार अमल ने वह नींव बनाई है जिस पर स्थायी प्रगति बनी है।'

उन्होंने आगे कहा कि आधारभूत संरचना, डिजिटल परिवर्तन, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता पर सरकार के ध्यान ने उद्योग जगत में विश्वास को मजबूत किया है और भारतीय उद्यमियों को बड़े पैमाने पर सोचने के लिए प्रेरित किया है।

भारत के भविष्य पर आशावाद

गोयनका ने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा, 'सबसे अहम चैप्टर अभी लिखे जाने बाकी हैं, और जो नींव रखी गई है, उससे मुझे भारत के भविष्य और आगे आने वाले मौकों को लेकर सकारात्मकता मिली है।' उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति 'गहरा सम्मान' व्यक्त करते हुए एक 'मजबूत और ज्यादा खुशहाल भारत' बनाने की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह बधाई संदेश ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों से इस रिकॉर्ड पर प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मोदी का यह रिकॉर्ड निस्संदेह एक चुनावी उपलब्धि है। लेकिन संजीव गोयनका जैसे उद्योगपतियों की बधाई को केवल सौजन्य मानना भी सरलीकरण होगा — यह उस कॉर्पोरेट भावना को दर्शाता है जो नीतिगत स्थिरता को निवेश के माहौल से सीधे जोड़ती है। असली सवाल यह है कि क्या इस दीर्घकालिक नेतृत्व ने GDP में मैन्युफैक्चरिंग हिस्सेदारी, रोज़गार की गुणवत्ता और आय असमानता जैसे संरचनात्मक मानकों पर सुई हिलाई है — जो अभी भी बहस के केंद्र में हैं। रिकॉर्ड कार्यकाल की सराहना और नीतिगत परिणामों का मूल्यांकन — दोनों एक साथ ज़रूरी हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा और कब?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को बतौर प्रधानमंत्री 4,399 दिन पूरे करते हुए जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा और भारत के सबसे लंबे कार्यकाल के निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। नेहरू का यह रिकॉर्ड छह दशकों से भी अधिक समय से कायम था।
संजीव गोयनका कौन हैं और उन्होंने मोदी के बारे में क्या कहा?
संजीव गोयनका लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) IPL टीम के मालिक और著名 उद्योगपति हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए मोदी के नेतृत्व को देश के लिए 'आशीर्वाद' बताया और कहा कि नीतिगत निरंतरता ने स्थायी आर्थिक प्रगति की नींव रखी है।
मोदी ने यह रिकॉर्ड कैसे हासिल किया?
मोदी ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीन आम चुनावों में जीत दर्ज करते हुए बिना किसी रुकावट के यह कार्यकाल पूरा किया। यही निरंतरता उन्हें निर्वाचित प्रधानमंत्रियों की श्रेणी में सबसे लंबे कार्यकाल वाला बनाती है।
गोयनका ने मोदी के कार्यकाल में किन उपलब्धियों को रेखांकित किया?
गोयनका ने आधारभूत संरचना विकास, डिजिटल परिवर्तन, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया। उनके अनुसार इन कदमों ने उद्योग जगत में भरोसा मजबूत किया और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका बढ़ाई।
नेहरू और मोदी के कार्यकाल की तुलना कैसे होती है?
जवाहरलाल नेहरू ने भी तीन कार्यकाल पूरे किए थे, लेकिन मोदी का 4,399 दिनों का निरंतर कार्यकाल उन्हें निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शीर्ष पर रखता है। यह तुलना केवल अवधि की है; दोनों के कार्यकालों की नीतिगत प्राथमिकताएँ और ऐतिहासिक संदर्भ भिन्न रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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