मोदी के 4,399 दिन: सबसे लंबे कार्यकाल पर गडकरी और राजनाथ ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 4,399 दिनों के इस कार्यकाल के पूर्ण होने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित वरिष्ठ मंत्रियों ने बधाई संदेश जारी किए।
गडकरी की बधाई और वीडियो संदेश
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह, प्रमुख नीतिगत निर्णयों और उल्लेखनीय उपलब्धियों के क्षणों को संकलित किया गया है।
गडकरी ने अपनी पोस्ट में लिखा, '4,399 दिन। एक अटूट संकल्प। एक बदला हुआ राष्ट्र। भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई। यह उनके उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व का एक अहम पड़ाव है।'
उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक प्रगति, डिजिटल बदलाव, बुनियादी ढाँचे के विस्तार, सामाजिक समावेश और वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान तक की यह यात्रा स्पष्टता, निरंतरता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गडकरी के अनुसार यह उपलब्धि 'विकसित भारत 2047' की दिशा में हो रही प्रगति का प्रतीक है।
राजनाथ सिंह का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने — 4,399 दिन पूरे करने — पर नरेंद्र मोदी को बधाई। राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत से प्रेरित एक अथक कर्मयोगी के तौर पर, उनका कार्यकाल भारत के प्रति अटूट समर्पण, लोगों के कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और राष्ट्र की सेवा में परिवर्तनकारी नेतृत्व को दर्शाता है।'
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि पिछले बारह वर्षों में भारत ने विकास और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, और देश में एक सांस्कृतिक व सभ्यतागत पुनर्जागरण भी हुआ है।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 में वे पुनः निर्वाचित हुए, जिससे उनका लगातार कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अभूतपूर्व बन गया। यह रिकॉर्ड उन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कुल कार्यकाल के मुकाबले एक अलग श्रेणी में रखता है, क्योंकि मोदी का यह कार्यकाल निरंतर और एक ही कार्यकाल-श्रृंखला में है।
आगे की राह
सरकार के अनुसार गरीब कल्याण, नारी शक्ति, युवा सशक्तिकरण और स्थिरता के सिद्धांत आगामी कार्यकाल में भी नीति-निर्माण के केंद्र में रहेंगे। वरिष्ठ मंत्रियों के इन संदेशों को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर एकजुटता और नेतृत्व के प्रति विश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।