मोदी के 4,399 दिन: इटली की PM मेलोनी ने दी बधाई, भारत-इटली 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' को बताया ऐतिहासिक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री का कीर्तिमान स्थापित करने पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उन्हें बधाई दी है। 10 जून 2026 को मोदी ने प्रधानमंत्री पद पर 4,399 दिन पूरे किए, जिस पर दुनियाभर के नेताओं ने शुभकामनाएँ भेजीं।
मेलोनी का एक्स पर संदेश
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "पीएम मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि है।" उन्होंने हाल ही में रोम में हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि दोबारा मिलना बेहद सुखद रहा।
मेलोनी ने आगे लिखा कि दोनों नेताओं ने मिलकर भारत और इटली के बीच एक 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' की नींव रखी है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों और उनके नागरिकों के लिए नए अवसरों का मार्ग खोलेगी।
रोम यात्रा और द्विपक्षीय समझौते
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी 19-20 मई 2026 को आधिकारिक यात्रा पर इटली गए थे। उस दौरान मेलोनी ने एक्स पर लिखा था, "रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!" इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में लगभग 15 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
इसके अतिरिक्त, 2027 में भारत-इटली 'ईयर ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म' शुरू करने का निर्णय भी लिया गया, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई ऊँचाई देगा।
चर्चा में रहा 'मेलोडी मोमेंट'
रोम यात्रा के दौरान एक हल्का-फुल्का पल भी खूब चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी इतालवी समकक्ष को मेलोडी टॉफी उपहार स्वरूप भेंट की। मेलोनी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बेहद अच्छा उपहार बताया।
विश्व नेताओं की बधाइयाँ
प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्वभर के नेताओं ने बधाई दी। इनमें मालदीव के राष्ट्रपति, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे और त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला-बिसेसर समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं। सभी ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया और द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई।
यह बधाइयों का सिलसिला इस बात का संकेत है कि भारत की वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति आने वाले वर्षों में और सुदृढ़ होती जाएगी।